UP Climate Change Seminar 2026 : प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाले माफिया से सजग रहें- मुख्यमंत्री

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UP Climate Change Seminar 2026

Report: Vandna Rawat

UP Climate Change Seminar 2026 विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2026) के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान’ विषय पर एक उच्च स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण और जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने नागरिकों से भूमाफिया, वन माफिया, अवैध खनन करने वालों और तस्करों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। इस दौरान सीएम ने बिना नाम लिए राजनीतिक विरोधियों पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि कोई ‘टोंटी चोरी’ कर रहा है तो कोई पानी बर्बाद कर रहा है, ऐसे लोगों को समाज में खुलेआम टोकने की जरूरत है।

UP Climate Change Seminar 2026 विश्व पर्यावरण दिवस 2026 पर मुख्यमंत्री के 5 महासंकल्प

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण और मानव सभ्यता की रक्षा के लिए प्रदेशवासियों को पांच विशेष संकल्प दिलाए:

  1. एक पेड़ मां के नाम: हर नागरिक जननी और जन्मभूमि के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए।
  2. वृक्षों की सुरक्षा: केवल पौधा लगाना काफी नहीं, शरारती तत्वों और आवारा जीव-जंतुओं से पेड़ों की मुकम्मल हिफाजत की जाए।
  3. जल संरक्षण: कुएं, तालाब, बावड़ी और प्राकृतिक जलस्रोतों को बचाएं और पानी की हर बूंद का मूल्य समझें।
  4. प्लास्टिक मुक्त उत्तर प्रदेश: दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह से बंद करें।
  5. प्रकृति अनुकूल जीवन शैली: विकास की अंधी दौड़ को छोड़कर पर्यावरण के पूरक बनकर जीवन जिएं।

UP Climate Change Seminar 2026 मौसम चक्र का बदलना किसानों के लिए सबसे बड़ी चेतावनी

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बदलते मौसम चक्र को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज 40 वर्ष से अधिक उम्र का हर व्यक्ति महसूस कर रहा है कि पिछले 25 वर्षों में मौसम के चक्र में एक से डेढ़ महीने का बड़ा अंतर आ चुका है। भारत और उत्तर प्रदेश की आत्मा कृषि पर आधारित है। यदि अतिवृष्टि और अनावृष्टि (सूखा) का यह दौर जारी रहा, तो इसका सबसे बुरा असर हमारे अन्नदाताओं की आमदनी पर पड़ेगा, जिससे देश के सामने खाद्यान्न संकट और असमय आपदाओं का खतरा बढ़ जाएगा।

UP Climate Change Seminar 2026 ‘मां और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर’

UP Climate Change Seminar 2026 रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने भगवान श्रीराम के उस कथन को याद किया जो उन्होंने लंका विजय के बाद लक्ष्मण जी से कहा था— “अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”। यानी सोने की लंका भी मातृभूमि के आगे तुच्छ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति और ग्रंथों ने हमेशा से हमें हर जीव-जंतु के साथ जोड़ना सिखाया है। चाहे शिव का नंदी हो, कार्तिकेय का मोर हो, या गणेश जी का मूषक— हमारी परंपरा में प्रकृति और वन्यजीवों का सह-अस्तित्व समाया हुआ है।

UP Climate Change Seminar 2026 कुकरैल और चिलुआताल की ग्राउंड रियलिटी: अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की पर्यावरण उपलब्धियों को आंकड़ों के साथ साझा किया:

  • कुकरैल का कायाकल्प: लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र से अवैध कब्जे हटाकर वहां ‘सौमित्र वन’ का निर्माण किया गया है, जिसके चलते आज लखनऊ और कुकरैल के तापमान में 5 डिग्री तक की सुखद गिरावट दर्ज की जाती है।
  • गोरखपुर के तालों का जीर्णोद्धार: गोरखपुर में 1400 एकड़ में फैले रामगढ़ताल और करीब 500 एकड़ के चिलुआताल को भूमाफियाओं से मुक्त कराकर संरक्षित किया गया है। भीषण गर्मी में भी इन वाटर बॉडीज के पास का तापमान सामान्य से 10 डिग्री तक कम रहता है।
  • श्रावस्ती का ‘केन नाला’: ऐतिहासिक श्रावस्ती के केन नाला को अब ‘बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट’ के रूप में अधिसूचित किया गया है।
  • रामसर साइट्स में उछाल: उत्तर प्रदेश में 9 वर्ष पहले मात्र 1 रामसर साइट थी, जो आज बढ़कर 13 हो चुकी है। महान स्वतंत्रता सेनानी जयप्रकाश नारायण की जन्मभूमि बलिया के ‘सुरहा ताल’ को प्रदेश के 13वें रामसर साइट के रूप में चुना गया है।

जुलाई में रचेगा नया इतिहास: एक दिन में लगेंगे 35 करोड़ पौधे

ग्रीन कवर को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2017 में जब हमारी सरकार आई थी, तब वन विभाग की सरकारी नर्सरी में बमुश्किल 5 लाख पौधे थे। लेकिन हमारी नीतियों के कारण आज उत्तर प्रदेश की सरकारी और निजी नर्सरियों में 55 करोड़ पौधे पूरी तरह तैयार हैं। आज विश्व पर्यावरण दिवस पर पूरे राज्य में 5 करोड़ पौधे रोपे जा रहे हैं, जबकि आने वाले जुलाई महीने में एक बड़ा रिकॉर्ड बनाते हुए जन-भागीदारी के जरिए एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर भी, पर्यावरण भी: उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे, फोरलेन और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर वाला राज्य है। इसके बावजूद विकास और पर्यावरण में संतुलन बिठाते हुए पिछले 9 वर्षों में राज्य में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर फॉरेस्ट कवर को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाया गया है।

इस गरिमामय समारोह में वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, वन राज्यमंत्री केपी मलिक, प्रमुख सचिव (वन) वी हेकाली झिमोमी, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष आरपी सिंह और प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी सहित वन और पर्यावरण विभाग के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे।

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