Report by: Ravi Jaist
Haryana News: हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए कैथल जिले के राजौंद में तैनात नायब तहसीलदार श्रीमती स्नेहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
Haryana News: राज्यपाल के आदेश पर हुई कार्रवाई
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई राज्यपाल के निर्देशों के तहत की गई है। निलंबन अवधि के दौरान श्रीमती स्नेहा का मुख्यालय भू-अभिलेख निदेशालय, पंचकूला निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
निलंबन अवधि में मिलेगा निर्वाह भत्ता
विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तीय आयुक्त (राजस्व) डॉ. सुमिता मिश्रा (आईएएस) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निलंबन के पहले छह महीनों तक श्रीमती स्नेहा को हरियाणा सिविल सेवा नियम-2016 के नियम 83 के तहत अर्ध-वेतन अवकाश के समान निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
हालांकि, इसके लिए उन्हें यह प्रमाणित करना होगा कि निलंबन अवधि के दौरान वे किसी अन्य व्यवसाय, नौकरी या पेशे से नहीं जुड़ी हैं।
Haryana News: उपायुक्त को चार्जशीट तैयार करने के निर्देश
सरकार ने कैथल के उपायुक्त (डीसी) को निर्देश दिए हैं कि निलंबन आदेश की तत्काल तामील सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही हरियाणा सिविल सेवा (पुनरीक्षण एवं अपील) नियम-2016 के नियम-7 के तहत संबंधित दस्तावेजों सहित ड्राफ्ट चार्जशीट तैयार कर विभाग को जल्द भेजी जाए।
इस कार्रवाई को प्रशासनिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिससे मामले की विस्तृत जांच आगे बढ़ सकेगी।
Haryana News: रिक्त पद के एवज में होगा भत्तों का भुगतान
सरकार ने भू-अभिलेख निदेशक, पंचकूला को निर्देशित किया है कि निलंबित अधिकारी को देय भत्तों का भुगतान विभाग में उपलब्ध किसी रिक्त पद के एवज में किया जाए। इससे वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
HRMS सहित सभी संबंधित विभागों को भेजी गई सूचना
निलंबन आदेश की प्रतियां प्रधान महालेखाकार (A&E/Audit) हरियाणा, संबंधित विभागीय अधिकारियों तथा मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) में रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए कंप्यूटर प्रोग्रामर को भी भेजी गई हैं।
Haryana News: प्रशासनिक पारदर्शिता का सख्त संदेश
सरकार की इस कार्रवाई को प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ेगी और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।





