Mahatma Gandhi Stadium : स्टेडियम की दुर्दशा को लेकर खेल प्रेमियों में भारी आक्रोश
Mahatma Gandhi Stadium : जयपुर ग्रामीण के बस्सी क्षेत्र से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बस्सी के महात्मा गांधी खेल स्टेडियम की बदहाल और जर्जर व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का गुस्सा अब फूट पड़ा है। स्टेडियम की लगातार उपेक्षा से परेशान होकर ‘स्टेडियम विकास संघर्ष समिति, बस्सी’ ने SDM को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा है। समिति ने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आगामी 5 दिनों के भीतर स्टेडियम की मूलभूत सुविधाएं बहाल नहीं की गईं, तो क्षेत्र के खिलाड़ी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन शुरू करने पर मजबूर होंगे।

Mahatma Gandhi Stadium : 60 दिनों से चक्कर काट रहे खिलाड़ी, प्रशासन मौन
प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में खिलाड़ियों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बस्सी एवं ग्राम पंचायत बिराजपुरा क्षेत्र में स्थित इस महात्मा गांधी खेल स्टेडियम की बदहाली को लेकर वे पिछले करीब 60 दिनों से जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे हैं। लगातार अवगत कराए जाने के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है और अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
Mahatma Gandhi Stadium : रोजाना जयपुर जाने की मजबूरी, खिलाड़ियों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
समिति ने आरोप लगाया कि स्टेडियम में जरूरी खेल सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के अभाव के कारण बस्सी की खेल प्रतिभाओं का भविष्य अंधकार में डूब रहा है। स्थानीय स्तर पर अभ्यास की जगह न होने के कारण खिलाड़ियों को प्रतिदिन बस्सी से जयपुर जाकर अभ्यास करना पड़ रहा है। इस मजबूरी की वजह से प्रत्येक खिलाड़ी पर हर रोज 100 से 200 रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले खिलाड़ियों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
Mahatma Gandhi Stadium : 9 जून 2026 तक का समय; पानी, बिजली और सफाई दुरुस्त करने की मांग
खिलाड़ियों ने प्रशासन के सामने अपनी स्पष्ट मांगें रखते हुए इसके समाधान के लिए 9 जून 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि स्टेडियम में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) और सुरक्षा जैसी अति-आवश्यक मूलभूत सुविधाएं तत्काल प्रभाव से शुरू करवाई जाएं। समिति का तर्क है कि यह कार्य केवल मौजूदा व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने और दुरुस्त करने का है, इसमें किसी बड़े बजट या पुनर्निर्माण की आवश्यकता नहीं है; इसलिए प्रशासन के लिए 5 दिन का समय पूरी तरह पर्याप्त है।
Mahatma Gandhi Stadium : मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा शांतिपूर्ण आंदोलन
स्टेडियम विकास संघर्ष समिति ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में सचेत कर दिया है कि यदि निर्धारित समयावधि यानी 9 जून तक बस्सी के इस एकमात्र प्रमुख स्टेडियम की सुध नहीं ली गई, तो खिलाड़ियों और क्षेत्रवासियों के सहयोग से एक व्यापक लेकिन शांतिपूर्ण आंदोलन का बिगुल फूंक दिया जाएगा। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि खिलाड़ियों को सड़क पर उतरना पड़ा, तो इस आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति और अव्यवस्था की समस्त जिम्मेदारी पूरी तरह से स्थानीय प्रशासन की होगी।





