US में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों ने एक विशेष ऑपरेशन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की बताई जा रही है। ये सभी लोग अमेरिका में कमर्शियल ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए लोगों के दस्तावेजों और आव्रजन स्थिति की जांच की जा रही है। जिन लोगों का अमेरिका में रहने का कानूनी आधार नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
US: एरिजोना में चलाया गया विशेष अभियान
अमेरिकी सीमा सुरक्षा एजेंसियों की ओर से एरिजोना के यूमा सेक्टर में एक विशेष अभियान संचालित किया गया। यह अभियान 11 मई से 15 मई के बीच चलाया गया, जिसका उद्देश्य अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना था।
इस ऑपरेशन के दौरान विभिन्न स्थानों पर जांच और सत्यापन अभियान चलाए गए। अधिकारियों ने ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कार्यरत कई लोगों की भी जांच की।
US: कुल 52 लोगों को लिया गया हिरासत में
कार्रवाई के दौरान कुल 52 लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच में इन लोगों पर अमेरिका में वैध अनुमति के बिना रहने या काम करने का आरोप लगाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में बड़ी संख्या ऐसे व्यक्तियों की थी जो व्यावसायिक परिवहन क्षेत्र में कार्यरत थे। मामले की आगे की जांच जारी है और प्रत्येक व्यक्ति की आव्रजन स्थिति का अलग-अलग परीक्षण किया जा रहा है।
US: 36 सेमी-ट्रक ड्राइवरों में 30 भारतीय शामिल
जांच के दौरान पकड़े गए 52 लोगों में से 36 ऐसे थे जो सेमी-ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे। इनमें 30 भारतीय नागरिक बताए गए हैं, जबकि अन्य लोग मेक्सिको, अल सल्वाडोर और रूस जैसे देशों से संबंधित हैं।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अमेरिकी परिवहन क्षेत्र में भारतीय मूल के ड्राइवरों की अच्छी-खासी मौजूदगी मानी जाती है। अब इस कार्रवाई के बाद संबंधित एजेंसियां दस्तावेजों और वीजा स्थिति की विस्तृत समीक्षा कर रही हैं।
US: कई राज्यों के कमर्शियल लाइसेंस मिले
जांच में सामने आया कि हिरासत में लिए गए कई ड्राइवरों के पास अमेरिका के विभिन्न राज्यों द्वारा जारी कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद थे। इनमें कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और वर्जीनिया जैसे राज्यों के लाइसेंस शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि कुछ लोगों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने की बात भी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस होना और वैध आव्रजन स्थिति होना दो अलग-अलग विषय हैं, जिनकी अलग-अलग जांच की जा रही है।
US: रोजगार अनुमति से जुड़े दस्तावेज बने जांच का विषय
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए कई लोगों के पास पहले रोजगार संबंधी अनुमति दस्तावेज मौजूद थे। लेकिन जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि वर्तमान समय में उनकी कानूनी स्थिति क्या है और क्या वे अभी भी अमेरिका में काम करने के पात्र हैं या नहीं।
आव्रजन नियमों में हुए बदलावों और दस्तावेजों की वैधता समाप्त होने के कारण कई लोगों की स्थिति प्रभावित हुई है। इसी आधार पर संबंधित एजेंसियां आगे की कानूनी कार्रवाई तय कर रही हैं।
US: निर्वासन प्रक्रिया पर रहेगी नजर
अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जिन लोगों के पास वैध आव्रजन दर्जा नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत देश से बाहर भेजने की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि प्रत्येक मामले की व्यक्तिगत समीक्षा की जाएगी और अमेरिकी कानूनों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ चल रहे अभियानों का असर परिवहन, कृषि और अन्य क्षेत्रों में कार्यरत विदेशी कामगारों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल भारतीय नागरिकों से जुड़े इस मामले पर भारत और अमेरिका दोनों की संबंधित एजेंसियों की नजर बनी हुई है।
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