Bhind : भिंड में स्वदेश न्यूज़ की खबर का बड़ा असर: फर्जी अटेंडेंस लगाने वाले शिक्षक दिलीप पांडेय को जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया ‘कारण बताओ नोटिस’

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Report: Alok Bhardwaj

Bhind : मध्य प्रदेश के भिंड जिले से सरकारी व्यवस्थाओं में सेंधमारी और तकनीकी फर्जीवाड़े का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शिक्षा विभाग के एक शिक्षक ने अपनी हाजिरी के साथ-साथ दूसरे विभाग (स्वास्थ्य विभाग) की महिला कर्मचारी की भी ऑनलाइन अटेंडेंस लगा दी। इस गंभीर मामले को ‘स्वदेश न्यूज़’ द्वारा प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया है। भिंड के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शिक्षक दिलीप पांडेय को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर दिया है।

Bhind क्या है पूरा मामला? एक ही मोबाइल से दो विभागों में हाजिरी

यह पूरा अजीबोगरीब मामला भिंड जिले के जवासा संकुल का है, जहां पदस्थ शिक्षक दिलीप पांडेय ने नियमों और तकनीकी सुरक्षा को ताक पर रखकर इस खेल को अंजाम दिया।

  • सोशल मीडिया पर वायरल: सोशल मीडिया पर कुछ डिजिटल रिकॉर्ड और स्क्रीनशॉट्स तेजी से वायरल हुए, जिसमें साफ दिखा कि शिक्षक दिलीप पांडेय अपनी अटेंडेंस दर्ज करने के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) के पद पर कार्यरत राधा तोमर की भी ऑनलाइन हाजिरी खुद ही भर रहे थे।
  • अटेंडेंस का जुगाड़: इस खुलासे के बाद प्रशासनिक हलके सहित आम जनता में इस ‘जुगाड़’ तकनीक को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और सोशल मीडिया पर विभाग की जमकर किरकिरी हुई।

Bhind स्वदेश न्यूज़ का असर: हरकत में आया शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग पहले ही काट चुका है वेतन

इस पूरे फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद दोनों विभागों का रवैया अलग-अलग देखने को मिला था, लेकिन मीडिया की मुस्तैदी के बाद अब दोनों तरफ हड़कंप है:

विभागकी गई दंडात्मक कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग (Health Dept.)मामला संज्ञान में आते ही स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया और नियमों के उल्लंघन के आरोप में अपनी कर्मचारी CHO राधा तोमर का वेतन (Salary) काटने की दंडात्मक कार्रवाई पहले ही पूरी कर ली।
शिक्षा विभाग (Education Dept.)शुरुआत में मौन साधे बैठे शिक्षा विभाग पर जब ‘स्वदेश न्यूज़’ ने खबर चलाकर सवाल खड़े किए, तो जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तत्काल संज्ञान लिया। विभाग ने आरोपी शिक्षक दिलीप पांडेय के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करते हुए उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ थमा दिया है।

Bhind ‘सार्थक ऐप’ बनाम ‘एम-शिक्षा मित्र’: तकनीकी सुरक्षा पर उठे 3 बड़े सवाल

इस अनोखे फर्जीवाड़े ने मध्य प्रदेश सरकार के डिजिटल गवर्नेंस और ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं:

  1. ऐप का गलत इस्तेमाल: नियमतः स्कूल शिक्षा विभाग के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करने हेतु ‘एम-शिक्षा मित्र’ (M-Shiksha Mitra) ऐप अनिवार्य है। फिर शिक्षक ने स्वास्थ्य विभाग के लिए बने ‘सार्थक ऐप’ (Sarthak App) का उपयोग कैसे किया?
  2. एक्सेस की गड़बड़ी: आखिरकार एक शिक्षक के पास दूसरे विभाग के अटेंडेंस ऐप का एक्सेस, लॉगिन आईडी और पासवर्ड कैसे आया?
  3. लंबे समय से फर्जीवाड़ा: यह खेल कब से चल रहा था और इसके पीछे किसी बड़े तकनीकी सिंडिकेट या सांठगांठ का हाथ तो नहीं है?

Bhind ‘स्वदेश न्यूज़’ की खबर के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई इस शुरुआती कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय नागरिकों और जागरूक संगठनों ने मांग की है कि नोटिस का जवाब मिलते ही दोषी शिक्षक दिलीप पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष एफआईआर दर्ज कराई जाए।

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