8th Pay Commission : नई दिल्ली, बढ़ती महंगाई के बीच केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें 8वें वेतन आयोग से जुड़ गई हैं। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने वेतन ढांचे में बड़े बदलाव और बेसिक सैलरी बढ़ाने की मांग रखी है। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन संरचना तेजी से बढ़ रही महंगाई के मुकाबले पर्याप्त नहीं है।
8th Pay Commission : न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने सरकार से शुरुआती बेसिक सैलरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की मांग की है। कुछ संगठनों का सुझाव है कि न्यूनतम बेसिक वेतन को बढ़ाकर करीब 69 हजार रुपये किया जाए। उनका तर्क है कि रोजमर्रा के खर्च, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी जरूरतों पर लगातार बढ़ते बोझ के कारण कर्मचारियों को आर्थिक दबाव झेलना पड़ रहा है।
8th Pay Commission : आसान हो सैलरी स्ट्रक्चर
संगठनों ने मौजूदा वेतन प्रणाली को सरल बनाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की योग्यता, कौशल और कार्यक्षमता के आधार पर वेतन तय किया जाना चाहिए, ताकि व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक बन सके।
8th Pay Commission : भत्तों में भी बदलाव की मांग
कर्मचारी संगठनों ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और यात्रा भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी की मांग उठाई है। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए जोखिम भत्ते को बढ़ाकर 10 हजार से 15 हजार रुपये तक करने का सुझाव दिया गया है।
8th Pay Commission : महंगाई से जुड़ी हो वेतन व्यवस्था
संगठनों का कहना है कि वेतन संशोधन का सबसे बड़ा आधार महंगाई होना चाहिए। कर्मचारियों की मांग है कि जैसे ही महंगाई भत्ता 50 फीसदी तक पहुंचे, उसे मूल वेतन में शामिल कर दिया जाए ताकि बढ़ती कीमतों का असर कम किया जा सके। अब सभी की नजरें केंद्र सरकार और 8वें वेतन आयोग की आगामी सिफारिशों पर टिकी हैं, जिनसे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

