UP 40 Crore Plantation Drive Letter उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ाने की दिशा में एक नया और स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 40 करोड़ पौधरोपण का महालक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावुक और विचारणीय ‘पाती’ (पत्र) लिखी है। मुख्यमंत्री ने इस ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ को महज एक सरकारी कार्यक्रम न मानकर जनभागीदारी का एक महाअभियान और ‘सनातन चेतना का महोत्सव’ बताया है।

UP 40 Crore Plantation Drive Letter “हमारी सभ्यता ‘अरण्य संस्कृति’ है, हर पौधा जीवन का आधार”
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में भारतीय संस्कृति और प्रकृति के गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया:
- अरण्य संस्कृति की विरासत: भारतीय संस्कृति में वृक्षों का स्थान हमेशा से पूजनीय रहा है। हमारी सभ्यता को मूलतः ‘अरण्य संस्कृति’ कहा जाता है। हमारे वनों और कंदराओं में ही वेद, उपनिषद और महान ग्रंथों की रचना हुई, जहां ऋषि-मुनियों ने बैठकर लोकमंगल का चिंतन किया था।
- श्रीकृष्ण का स्वरूप है पीपल: श्रीमद्भगवद्गीता का संदर्भ देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने पीपल को अपना ही स्वरूप बताया है। आयुर्वेद के अनुसार भी धरती पर मौजूद हर पौधे में कोई न कोई औषधीय गुण छिपा हुआ है, जो मानव जीवन का आधार है।
UP 40 Crore Plantation Drive Letter आंकड़ों की जुबानी: 2017 से अब तक यूपी में आई ‘हरित क्रांति’
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में उत्तर प्रदेश के पर्यावरण ग्राफ में आए सकारात्मक बदलावों के कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े भी साझा किए:

- हरित आवरण में ऐतिहासिक वृद्धि: साल 2017 से 2023 के बीच कड़े प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश के वन एवं वृक्ष आवरण (Green Cover) में 3.38 लाख एकड़ की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- 9.96% पर पहुंचा ग्राफ: इन निरंतर अभियानों की बदौलत प्रदेश का कुल हरित आवरण अब 9.96 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
- 280 करोड़ का आंकड़ा पार: उत्तर प्रदेश में अब तक विभिन्न अभियानों के तहत कुल 280 करोड़ से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं, जो पर्यावरण असंतुलन, कार्बन उत्सर्जन और जैव विविधता संरक्षण का सबसे प्रभावी उपाय साबित हो रहे हैं।
UP 40 Crore Plantation Drive Letter यूपी वृक्षारोपण महाकुंभ 2026: एक नजर में
| मुख्य संकेतक / लक्ष्य | हालिया आंकड़े व विवरण |
| वर्तमान अभियान | ‘एक पेड़ मां के नाम’ (वर्ष 2026) |
| ताजा पौधारोपण लक्ष्य | 40 करोड़ पौधे (सफलतापूर्वक पूर्ण) |
| यूपी का कुल हरित आवरण | 9.96 प्रतिशत |
| 2017-2023 के बीच वृद्धि | 3.38 लाख एकड़ वन आवरण बढ़ा |
| अब तक कुल रोपे गए पौधे | 280 करोड़ से अधिक |
UP 40 Crore Plantation Drive Letter सीएम का भावुक आह्वान: जीवन के हर शुभ अवसर को वृक्षारोपण से जोड़ें
मुख्यमंत्री ने केवल पौधा लगाने तक सीमित न रहकर उनके संरक्षण पर जोर दिया और प्रदेश के हर परिवार से एक भावनात्मक अपील की:

- बच्चों के जन्मदिन पर संकल्प: उन्होंने अपील की है कि हर माता-पिता अपने बच्चों के जन्मदिन पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उस पौधे की तब तक देखरेख का संकल्प लें जब तक वह खुद एक मजबूत पेड़ न बन जाए।
- बेटी की विदाई पर स्नेह का प्रतीक: मुख्यमंत्री ने एक बेहद संवेदनशील संदेश देते हुए कहा कि जब घर से बेटी की विदाई हो, तो उसकी विदाई पर मायके में स्नेह और यादों के प्रतीक स्वरूप एक पौधा लगाया जाना चाहिए।
- हर मांगलिक कार्य में हो पौधारोपण: विवाह, वर्षगांठ या जीवन के किसी भी शुभ और मांगलिक अवसर को पर्यावरण से जोड़ा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री का संदेश: “यह 40 करोड़ पौधरोपण नए उत्तर प्रदेश के सामर्थ्य और जनसंकल्प का जीवंत प्रतीक है। यह प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारे उत्तरदायित्व को दर्शाता है। जनता के सहयोग से रोपा गया हर एक पौधा आने वाले समय में एक हरित, सुरक्षित और समृद्ध उत्तर प्रदेश की सबसे मजबूत नींव बनेगा।”





