BY
Yoganand Shrivastava
Bharat Tiwari Encounter Case Jantar Mantar Protest बिहार के आरा में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर उपजा जनाक्रोश अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है। इंसाफ की गुहार लगाते हुए मृतक भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी, पीड़ित परिवार के सदस्यों, ग्रामीणों सहित राष्ट्रीय करणी सेना और परशुराम सेना के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिहार पुलिस ने सुनियोजित तरीके से भरत तिवारी का ‘फेक एनकाउंटर’ (फर्जी मुठभेड़) किया है। जंतर-मंतर पर जुटे लोगों ने इस मामले में संलिप्त पुलिसकर्मियों को तुरंत जेल भेजने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार के सामने 5 प्रमुख मांगें रखी हैं।
Bharat Tiwari Encounter Case Jantar Mantar Protest जंतर-मंतर से उठी आवाज— ‘बिहार सरकार ने नहीं सुनी, तो अब दिल्ली को सुनाएंगे’
जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द और गुस्सा साझा किया। उन्होंने कहा, “बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन ने हमारे आत्मसम्मान और न्याय की मांग को पूरी तरह अनसुना कर दिया। राज्य में न्याय की कोई उम्मीद न दिखने के कारण हमें मजबूरन दिल्ली का रुख करना पड़ा है। अब हम देश की राजधानी को अपनी बात सुनाएंगे और जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हमारा यह अनशन और आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।”
धरना प्रदर्शन में शामिल विभिन्न सामाजिक और क्षत्रिय संगठनों के नेताओं ने भी बिहार सरकार के खिलाफ कड़ा रोष प्रकट किया।
Bharat Tiwari Encounter Case Jantar Mantar Protest आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने रखीं ये 5 मुख्य मांगें:
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे पीड़ित परिवार और संगठनों ने केंद्र व राज्य सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- हत्या का मुकदमा: भरत तिवारी के एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से हत्या (IPC/BNS की सुसंगत धाराओं के तहत) का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
- आर्थिक सहायता: प्रभावित पीड़ित परिवार को भरण-पोषण के लिए सरकार की ओर से 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाए।
- सरकारी नौकरी: पीड़ित परिवार के एक सदस्य को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
- सुरक्षा कवच: मुख्य गवाहों और भरत तिवारी के परिवार को जान का खतरा देखते हुए तत्काल सरकारी सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
- अधूरे कार्यों को पूरा करना: भरत तिवारी सामाजिक स्तर पर जिन गरीब परिवारों की मदद और जनकल्याणकारी कार्यों को कर रहे थे, उन्हें सरकार अपने स्तर पर पूरा कराए।
Bharat Tiwari Encounter Case Jantar Mantar Protest ‘फेसबुक लाइव’ वीडियो के बाद पलटी कहानी; सर्जन डॉ. अंसारी ने की थी 5 गोलियों की पुष्टि
यह पूरा विवाद 17 जून, 2026 को बिहार के आरा में हुई उस मुठभेड़ से जुड़ा है, जिसमें पुलिस की गोली से भरत तिवारी की मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस प्रशासन ने दावा किया था कि भरत तिवारी एक अपराधी था और उसने पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग की थी, जिसके जवाब में पुलिस को गोली चलानी पड़ी।
लेकिन घटना के कुछ दिन बाद सोशल मीडिया पर भरत तिवारी का एक ‘फेसबुक लाइव’ (Facebook Live) वीडियो वायरल होने के बाद पूरा मामला पलट गया। वीडियो में साफ दिख रहा था कि भरत तिवारी ने पुलिसकर्मियों के सामने अपनी पिस्टल जमीन पर फेंक कर आत्मसमर्पण कर दिया था। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही बिहार में लगातार राजनीतिक और सामाजिक बवाल मचा हुआ है।
वहीं, घटना के बाद गंभीर रूप से घायल भरत तिवारी को सबसे पहले जिस निजी अस्पताल के प्रसिद्ध सर्जन डॉ. एच. एम. अंसारी के पास ले जाया गया था, उन्होंने भी मीडिया को बताया था कि भरत तिवारी के शरीर में 4 से 5 गोलियां लगी थीं। फिलहाल इस पूरे मामले की न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) चल रही है और केस भी दर्ज किया गया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात पर है कि वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद अभी तक किसी भी दोषी पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।





