Children Sleep Health : आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चों की नींद भी प्रभावित हो रही है। देर रात तक मोबाइल, टीवी और अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल बच्चों की स्लीपिंग साइकिल को बिगाड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त नींद केवल शरीर को आराम देने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए भी बेहद जरूरी है। यदि बच्चा रोजाना पर्याप्त नींद नहीं लेता है, तो इसका असर उसकी पढ़ाई, व्यवहार, याददाश्त और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

Children Sleep Health : क्यों जरूरी है बच्चों के लिए पर्याप्त नींद?
अच्छी नींद के दौरान बच्चों का मस्तिष्क दिनभर सीखी गई जानकारियों को व्यवस्थित करता है, जिससे उनकी याददाश्त मजबूत होती है और नई चीजें सीखने की क्षमता बढ़ती है। इसी समय शरीर में ग्रोथ हार्मोन का स्राव भी होता है, जो बच्चों की लंबाई, हड्डियों और मांसपेशियों के विकास में अहम भूमिका निभाता है। पर्याप्त नींद लेने वाले बच्चों की एकाग्रता बेहतर होती है और वे पढ़ाई व अन्य गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
Children Sleep Health : कम नींद से क्या हो सकते हैं नुकसान?
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार कम नींद लेने वाले बच्चों में कई तरह की समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। इनमें ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, भूलने की आदत, चिड़चिड़ापन, गुस्सा, पढ़ाई में रुचि कम होना और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं शामिल हैं। लंबे समय तक नींद पूरी न होने पर मोटापा, कमजोर इम्यूनिटी और बार-बार बीमार पड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।
Children Sleep Health : किस उम्र में कितनी नींद जरूरी?
बच्चों की उम्र के अनुसार उनकी नींद की आवश्यकता अलग-अलग होती है। 4 से 12 महीने के शिशुओं को झपकी सहित 12 से 16 घंटे की नींद लेनी चाहिए। 1 से 2 वर्ष के बच्चों के लिए 11 से 14 घंटे, 3 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए 10 से 13 घंटे, 6 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए 9 से 12 घंटे और 13 से 18 वर्ष के किशोरों के लिए प्रतिदिन 8 से 10 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है।
Children Sleep Health : बच्चों की अच्छी नींद के लिए क्या करें?
माता-पिता बच्चों के लिए नियमित सोने और जागने का समय तय करें। सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल, टीवी और टैबलेट जैसी स्क्रीन से दूरी बनवाएं। बच्चों को दिनभर शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करें और रात में हल्का भोजन दें। साथ ही, सोने का माहौल शांत और आरामदायक रखें ताकि बच्चे आसानी से गहरी नींद ले सकें।
Children Sleep Health : कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर बच्चा पर्याप्त नींद लेने के बावजूद दिनभर थका हुआ रहता है, रात में तेज खर्राटे लेता है, बार-बार नींद टूटती है या लंबे समय तक सोने में परेशानी होती है, तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में बाल रोग विशेषज्ञ या न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

