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Gwalior : हजीरा सिविल अस्पताल पहुंचे ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर: आईसीयू में खराब AC देख भड़के, मरीजों का खाना खुद खाकर जांची गुणवत्ता

Gwalior

Report: Arvind Chouhan

Gwalior : मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने अनूठे अंदाज और जमीनी निरीक्षणों के लिए एक बार फिर चर्चा में हैं। ऊर्जा मंत्री ने बुधवार को हजीरा स्थित सिविल अस्पताल का अचानक (औचक) निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, आईसीयू (ICU) और मरीजों को मिलने वाले भोजन की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था मिलने पर उन्होंने प्रबंधन को कड़ी फटकार भी लगाई।

Gwalior खराब एसी पर भड़के मंत्री, वरिष्ठ कार्यकर्ता के दबाए पैर

Gwalior निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री अस्पताल के अति-संवेदनशील आईसीयू (ICU) वार्ड में पहुंचे। वहां की व्यवस्थाओं को देखते समय निम्नलिखित मुख्य बातें सामने आईं:

  • प्रबंधन को फटकार: भीषण गर्मी के इस मौसम में आईसीयू वार्ड का एयर कंडीशनर (AC) खराब पाकर मंत्री तोमर का पारा चढ़ गया। उन्होंने मरीजों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और तुरंत एसी ठीक कराने के निर्देश देते हुए फटकार लगाई।
  • सेवा भाव की मिसाल: आईसीयू में भर्ती क्षेत्र के वरिष्ठ सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता कोक सिंह राठौर से मंत्री ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बेहद संवेदनशीलता दिखाते हुए बुजुर्ग कार्यकर्ता के पैर दबाए और उनका ढांढस बंधाया, जिसे देख वहां मौजूद लोग भावुक हो गए।

Gwalior खुद भोजन चखकर देखी खाने की क्वालिटी

अस्पताल में भर्ती मरीजों को दी जाने वाली डाइट (खान-पान) को लेकर ऊर्जा मंत्री सीधे सिविल अस्पताल की मुख्य रसोई (किचन) में जा पहुंचे।

भोजन का स्वाद चखा: उन्होंने वहां तैयार हो रहे दाल, चावल और अन्य खाद्य सामग्रियों की पौष्टिकता एवं स्वच्छता का अवलोकन किया। भोजन की गुणवत्ता को पूरी तरह सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा मंत्री ने स्वयं थाली लगाकर मरीजों को दिया जाने वाला भोजन ग्रहण किया और उसकी गुणवत्ता की जांच की।

Gwalior लापरवाही पर सख्त हिदायत: कोताही बर्दाश्त नहीं

अस्पताल के जनरल वार्ड और अन्य व्यवस्थाओं का भ्रमण करने के बाद ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ बैठक की। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले गरीब और आम मरीजों के इलाज, दवाइयों की उपलब्धता और खान-पान के स्तर में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में ऐसी कोई शिकायत दोबारा मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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