Hormuz Strait: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और होर्मूज स्ट्रेट में पैदा हुई परिस्थितियों का असर अब भारत में ईंधन की कीमतों पर साफ दिखाई देने लगा है। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। पेट्रोलियम कंपनियों ने महज नौ दिनों में तीसरी बार दाम बढ़ाए हैं, जिससे आम लोगों पर महंगाई का दबाव और बढ़ गया है।
शनिवार सुबह जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि मध्य प्रदेश में स्थानीय टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन चार्ज के कारण कई शहरों में यह बढ़ोतरी एक रुपये से भी अधिक रही।
Hormuz Strait: भोपाल समेत कई शहरों में नई कीमतें लागू
नई दरों के बाद राजधानी भोपाल में पेट्रोल की कीमत 111.71 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 96.85 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
इंदौर में पेट्रोल 111.85 रुपये और डीजल 96.92 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं जबलपुर में पेट्रोल की कीमत 112.18 रुपये और डीजल 97.32 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है।
ग्वालियर में पेट्रोल 111.63 रुपये और डीजल 96.80 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। उज्जैन में पेट्रोल की नई कीमत 112.10 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 97.21 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
Hormuz Strait: 9 दिन में तीन बार बढ़ चुके हैं दाम
इस महीने ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। सबसे पहले 15 मई को पेट्रोल के दाम में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
इसके बाद 19 मई को दूसरी बार करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। अब 23 मई को तीसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर इजाफा कर दिया गया है।
इन तीनों बढ़ोतरी को मिलाकर देखा जाए तो मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल करीब 5 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा महंगे हो चुके हैं।
Hormuz Strait: कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना वजह
ईंधन डीलरों और बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। होर्मूज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने से सप्लाई को लेकर चिंता भी बनी हुई है, जिसका असर तेल कंपनियों की लागत पर पड़ रहा है।
इसी बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है।
Hormuz Strait: अलग-अलग शहरों में अलग है बढ़ोतरी की दर
विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग राज्यों और शहरों में वैट, ट्रांसपोर्टेशन चार्ज और अन्य स्थानीय शुल्क अलग होने के कारण ईंधन की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश के कई शहरों में बढ़ोतरी की दर केंद्रीय स्तर पर घोषित कीमतों से ज्यादा रही।
Hormuz Strait: महंगाई पर बढ़ सकता है असर
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का असर अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ना शुरू हो गया है। परिवहन लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आगे भी ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
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