केरल से हैवानियत का हैरतअंगेज़ मामला सामने आया है। बता दे कि, यहां एक महिला खिलाड़ी ने अपने साथ हुई आपबीती सुनाई, जिसमें महिला खिलाड़ी ने दावा किया कि वो कई बार हैवानियत की शिकार हो चुकी है। पीड़िता का आरोप है कि, 4 साल में उसके साथ 64 लोगों ने यौन उत्पीड़न किया है। हैरान करने वाली बात है कि, महिला खिलाड़ी 2 महीने पहले ही 18 साल की हुई है। उसके आरोपों से राज्य समेत पूरे देश में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने युवती के दावे के आधार पर मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक ये मामला केरल के पथानामथिट्टा का है। पुलिस ने इस मामले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। छठा आरोपी पहले से ही जेल में है।
पुलिस का कहना है कि पीड़ित लड़की नाबालिग थी और दो महीने पहले वह 18 साल की हो गई। पथानामथिट्टम की बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजीव एन ने कहा है कि लड़की ने पहली बार स्कूल परामर्श सत्र के दौरान यौन शोषण के बारे में बात की थी। बाल कल्याण समिति के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परामर्शदाताओं ने बाल कल्याण समिति से संपर्क किया है।
पीड़ित लड़की है खिलाड़ी
खबरों के मुताबिक, पीड़ित लड़की एक खिलाड़ी है और पथानामथिट्टा में खेल शिविरों सहित विभिन्न स्थानों पर उसका यौन शोषण किया गया है। उसका आरोप है कि, कोचों, सहपाठियों और स्थानीय निवासियों ने उसका यौन शोषण किया। जिले के विभिन्न थानों में पॉस्को एक्ट के तहत अपराध दर्ज किये गए हैं। पथानामथिट्टम के जिला पुलिस प्रमुख इन सभी मामलों की जांच पर नजर रखे हुए हैं।
पिता का मोबाइल करती थी इस्तेमाल
पुलिस ने बताया कि पीड़ित लड़की के पास अपना मोबाइल फोन नहीं है। वह अपने पिता का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रही थी। पुलिस ने बताया कि उसने इस फोन में उसे परेशान करने वाले 40 लोगों के नंबर सेव कर रखे थे। पीड़ित लड़की ने जो बताया उसे सुनकर बाल कल्याण समिति के सदस्य सन्न रह गये। क्या आरोप सच हैं? यह जानने के लिए लड़की ने एक मनोचिकित्सक के साथ काउंसलिंग सेशन किया।
केरल का चौंकाने वाला मामला
इस मामले में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें एहसास हुआ कि यह एक अलग मामला है। इसमें एसपी से जांच पर नजर रखने को कहा है। केरल का ये मामला चौंकाने वाला है। पुलिस की जांच में और भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं। हालांकि, अभी भी ऐसी घटनाएं कम नहीं हुई हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाई





