BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध की आशंकाओं के बीच वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति पर भारी दबाव बना हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट में जारी गतिरोध के कारण दुनिया भर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में भारतीय अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर आई है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए सस्ते कच्चे तेल का एक नया और मजबूत जरिया ढूंढ निकाला है। इस रणनीति के तहत वेनेजुएला अब भारत को तेल निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है।

New Delhi वेनेजुएला से आयात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, सऊदी और अमेरिका हुए पीछे
New Delhi वैश्विक तेल बाजार की हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने मई 2026 के महीने में वेनेजुएला से कच्चे तेल के आयात में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की है।

- आयात के आंकड़े: मई महीने में भारत ने वेनेजुएला से रोजाना औसतन 4.17 लाख बैरल कच्चे तेल की खरीद की है, जो कि अप्रैल महीने के (2.83 लाख बैरल प्रतिदिन) मुकाबले लगभग दोगुनी है।
- नया समीकरण: इस छलांग के साथ ही वेनेजुएला अब भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है। इस सूची में रूस अभी भी पहले और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दूसरे स्थान पर काबिज है।
- महंगे तेल से दूरी: दूसरी ओर, कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण भारत ने सऊदी अरब से तेल का आयात लगभग आधा कर दिया है। इसी तरह, अमेरिकी तेल भी भारतीय सप्लायरों की सूची में काफी पीछे खिसक गया है।
New Delhi रिलायंस इंडस्ट्रीज का मास्टरस्ट्रोक, जामनगर रिफाइनरी को मिलेगा सीधा फायदा
वेनेजुएला से आ रहे इस हेवी ग्रेड क्रूड (भारी कच्चे तेल) का सबसे बड़ा फायदा देश की दिग्गज निजी पेट्रोलियम कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) को मिल रहा है।

क्यों फायदेमंद है यह सौदा? सऊदी अरब और अन्य ओपेक (OPEC) देशों के मुकाबले वेनेजुएला का हेवी ग्रेड तेल काफी कम कीमत पर (डिस्काउंट के साथ) उपलब्ध है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की गुजरात के जामनगर में स्थित दुनिया की सबसे एडवांस्ड रिफाइनरी इस भारी और जटिल कच्चे तेल को बेहद कुशलता से प्रोसेस करने में सक्षम है। कम लागत में मिलने वाले इस तेल से भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों का मार्जिन सुधरेगा।
New Delhi क्या घरेलू बाजार में सस्ते होंगे पेट्रोल और डीजल?
New Delhi आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि रिलायंस और अन्य सरकारी तेल कंपनियां इसी तरह रियायती दरों पर कच्चे तेल का आयात जारी रखती हैं, तो घरेलू बाजार में तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की लागत में बड़ी कमी आएगी। इसका सीधा फायदा आने वाले दिनों में आम जनता को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती के रूप में मिल सकता है।
हालांकि, जानकारों का यह भी कहना है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का जोखिम अभी पूरी तरह टला नहीं है, इसलिए घरेलू कीमतों में गिरावट का अंतिम फैसला वैश्विक स्थिरता पर ही निर्भर करेगा।





