BY
Yoganand Shrivastava
Bengaluru कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में लैंडिंग के दौरान एयर इंडिया के एक विमान के साथ गंभीर हादसा होने की खबर सामने आई है। दिल्ली से बेंगलुरु पहुंचे इस विमान का पिछला हिस्सा (टैल) रनवे से टकरा गया, जिसे विमानन की भाषा में ‘टैल स्ट्राइक’ (Tail Strike) कहा जाता है। हादसे के वक्त विमान में चालक दल (क्रू मेंबर्स) सहित कुल १७९ यात्री सवार थे। गनीमत यह रही कि इस झटके के बावजूद सभी यात्री और कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के तुरंत बाद विमान को ग्राउंडेड (उड़ान पर रोक) कर जांच के लिए भेज दिया गया है।

Bengaluru ‘वेक टर्बुलेंस’ बना हादसे की वजह, आखिरी सेकंड में पायलट ने लिया ‘गो-अराउंड’ का फैसला
Bengaluru विमानन अधिकारियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह हादसा ‘वेक टर्बुलेंस’ (Wake Turbulence) के कारण हुआ। दरअसल, एयर इंडिया के इस ए३२१ (A321) एयरक्राफ्ट की लैंडिंग से ठीक पहले एक बड़े मालवाहक विमान (बोइंग ७४७) ने रनवे से उड़ान भरी थी। बड़े विमान के उड़ने से हवा में पैदा हुए तेज भंवर और असंतुलन की वजह से एयर इंडिया के प्लेन के विंग्स डगमगा गए। स्थिति बिगड़ती देख पायलटों ने आखिरी समय में लैंडिंग टालकर विमान को दोबारा हवा में ले जाने (Go-Around) का फैसला किया, लेकिन इसी प्रक्रिया के दौरान विमान का पिछला हिस्सा रनवे की सतह से रगड़ खा गया।

Bengaluru क्या होता है ‘वेक टर्बुलेंस’, जिससे अनियंत्रित हो जाते हैं विमान?
तकनीकी रूप से समझें तो जब भी कोई विशालकाय या भारी विमान आसमान में उड़ान भरता है, तो उसके पंखों (Wings) के आखिरी सिरों से हवा की बेहद शक्तिशाली और तेजी से घूमने वाली भंवरें (Vortices) बनती हैं। इसे ही ‘वेक टर्बुलेंस’ कहा जाता है। शांत मौसम में ये अदृश्य भंवरें रनवे के ऊपर कई मिनटों तक हवा में मौजूद रह सकती हैं। यदि कोई दूसरा विमान इनके ठीक पीछे लैंडिंग या टेकऑफ करता है, तो वह अचानक अपना नियंत्रण खो सकता है, पलट सकता है या हवा में ऊपर-नीचे हो सकता है। इसी खतरे की चपेट में एयर इंडिया का विमान भी आ गया था।
Bengaluru दिल्ली जाने वाली फ्लाइट रद्द, यात्रियों को दूसरे विमान से भेजा गया गंतव्य
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि बेंगलुरु पहुंचे इस प्रभावित विमान (फ्लाइट संख्या एआई२६५१) को सुरक्षा कारणों से पूरी तरह रोक दिया गया है और एविएशन एक्सपर्ट्स की टीम इसकी गहन तकनीकी जांच कर रही है। इस दुर्घटना के कारण बेंगलुरु से वापस दिल्ली लौटने वाली फ्लाइट संख्या एआई२६५२ को रद्द करना पड़ा। एयर इंडिया की ग्राउंड टीम ने फंसे हुए यात्रियों के लिए हवाई अड्डे पर ही भोजन और आराम की वैकल्पिक व्यवस्था की और बाद में उन्हें दूसरे विमान के जरिए दिल्ली रवाना किया गया। कंपनी ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि उनके लिए यात्रियों की सुरक्षा सबसे सर्वोपरि है।





