BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर तेल-गैस की किल्लत के बीच भारत में ईंधन आपूर्ति को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी उछाल के बावजूद, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

New Delhi फ्यूल सप्लाई में राशनिंग या कोटा लागू करने की कोई योजना नहीं
पेट्रोलियम मंत्रालय ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है जिनमें ईंधन की राशनिंग या कोटा लागू करने की बात कही जा रही थी। पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने सोमवार को स्पष्ट रूप से कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति है और सरकार की राशनिंग जैसा कोई भी कदम उठाने की न तो वर्तमान में कोई योजना है और न ही भविष्य में ऐसा होगा।

New Delhi भारत के पास 60 दिनों का ईंधन और 45 दिनों का LPG भंडार
मंत्रालय के अनुसार, भारत ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षित भंडार (Strategic Reserves) तैयार रखा है। पिछले 67 दिनों से वैश्विक बाजार में जारी व्यवधान के बावजूद, भारत के पास वर्तमान में लगभग 60 दिनों का पेट्रोल-डीजल और लगभग 45 दिनों का एलपीजी (LPG) भंडार उपलब्ध है। इसके अलावा, आपूर्ति जोखिम को कम करने के लिए भारत ने आयात के स्रोतों में भी विविधता लाई है।

New Delhi कीमतों को स्थिर रखना सरकार की प्राथमिकता
पश्चिम एशिया संकट के कारण लागत में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जिससे तेल कंपनियों को रोजाना 1,000 से 1,200 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद, सरकार का प्राथमिक लक्ष्य आम जनता के लिए कीमतों और आपूर्ति को स्थिर रखना है। सरकार ने उत्पाद शुल्क में कटौती जैसे राजकोषीय उपायों के माध्यम से कीमतों के झटके को स्वयं सहा है ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
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