Edit by : Aanya Saran
Gauravi Kumari : भव्यता और ग्लैमर से भरी इस शाम में, राजकुमारी गौरवी कुमारी ने सादगी को चुना और यही उन्हें सबसे अलग बनाता है। जयपुर की यह शाही शख्सियत, जो फैशन जगत में तो जानी-पहचानी हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर कम ही नजर आती हैं, ने 2026 के मेट गाला में अपने डेब्यू पर ऐसा लुक अपनाया जो ट्रेंड्स नहीं, बल्कि यादों और विरासत से प्रेरित था।
Gauravi Kumari : कौन हैं?
वह दीया कुमारी की बेटी और पद्मनाभ सिंह की बहन हैं, जिससे उनका संबंध देश के प्रमुख शाही परिवारों में से एक से है। हालांकि, अपनी विरासत से आगे बढ़ते हुए उन्होंने खुद की अलग पहचान भी बनाई है। गौरवी कुमारी परोपकार, फैशन सहयोग और ‘राजकुमारी दीया कुमारी फाउंडेशन’ के जरिए सक्रिय रहती हैं, जहां वह महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक शिल्पकला को बढ़ावा देने के काम से जुड़ी हैं

Gauravi Kumari : किन पहलों का समर्थन करती हैं
राजकुमारी गौरवी कुमारी, राजकुमारी दिया कुमारी फाउंडेशन के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक शिल्पकला को सक्रिय रूप से बढ़ावा देती हैं। यह संस्था राजस्थान की महिलाओं को पारंपरिक शिल्पकला में कौशल विकास के अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने पर केंद्रित है, जिससे वे टिकाऊ उत्पाद बना सकें। उनके प्रयास सामाजिक परिवर्तन और जिम्मेदार प्रगति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसका उद्देश्य स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाते हुए पारंपरिक कला को पुनर्जीवित करना है।

Gauravi Kumari : फैशन शैली में विरासत को कैसे समाहित करती हैं?
गौरवी कुमारी की फैशन पसंद उनकी सांस्कृतिक जड़ों को खूबसूरती से दर्शाती है। वह पारंपरिक परिधानों को आधुनिक अंदाज़ में पहनना पसंद करती हैं, खासकर खास अवसरों और उत्सवों पर। इसके साथ ही, वह ऐसे डिजाइनरों के साथ काम करती हैं जो भारतीय वस्त्रों और शिल्पकला को प्राथमिकता देते हैं।
उनका यह स्टाइल पारंपरिक कारीगरी और समकालीन फैशन का संतुलित मेल है, जो न सिर्फ उनकी सांस्कृतिक पहचान को उभारता है बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय विरासत को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है।
Gauravi Kumari : मेट गल अपीयरेंस
उनकी जिंदगी अतीत और आधुनिकता के बीच संतुलन का उदाहरण है। न्यूयॉर्क में पढ़ाई के बाद वह इंटरनेशनल फैशन सर्किट में सक्रिय हैं, लेकिन जयपुर की अपनी जड़ों से जुड़ी रहती हैं। जिमी चू जैसे ब्रांड्स के साथ काम और भारतीय टेक्सटाइल्स के समर्थन से वह नई पीढ़ी की शाही सोच को दर्शाती हैं।
मेट गाला में वह अपने भाई पद्मनाभ सिंह के साथ नजर आईं, जहां दोनों ने भारतीय रॉयल्टी की एक आधुनिक और प्रभावशाली छवि पेश की। उनका सादा लेकिन सोच-समझकर चुना गया लुक बिना दिखावे के ही अलग नजर आया, जिसने उन्हें वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिलाई।

Gauravi Kumari : मेट गाला लुक
मेट गाला 2026 में गौरवी कुमारी ने डिजाइनर प्रबल गुरुंग के कस्टम लुक में शिरकत की, जिसमें केवल स्टाइल नहीं बल्कि यादों की झलक भी थी। उनका सॉफ्ट पिंक गाउन उनकी दादी गायत्री देवी की पुरानी शिफॉन साड़ी से तैयार किया गया था एक ऐसी शख्सियत जिनका प्रभाव आज भी भारतीय फैशन पर दिखता है। इस डिज़ाइन ने परंपरा को दोहराने के बजाय उसे नए अंदाज़ में पेश किया, जहां साड़ी की फ्लो के साथ कूट्योर की संरचना दिखाई दी।

गाउन में हल्की ड्रेपिंग और सॉफ्ट स्ट्रक्चर्ड बोडिस थी, जो इसे सादगी भरा लेकिन प्रभावशाली बनाती थी। पेस्टल रंग और हल्की एम्बेलिशमेंट्स ने लुक को नाजुक और एलीगेंट बनाए रखा। पर्ल्स और पारंपरिक ज्वेलरी के साथ यह अंदाज़ विरासत और आधुनिकता का संतुलित मेल नजर आया, जो बिना ज्यादा दिखावे के भी खास लगा।
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