Edit By : Aanya Saran
Mother’s Day : मातृ दिवस ऐसा खास मौका है जिसे लोग भूलते नहीं, फिर भी हर साल इसकी तारीख बदलने के कारण इसे सर्च करते हैं। सोशल मीडिया पोस्ट, गिफ्ट और परिवार के साथ समय बिताने की योजनाएं इसे और खास बना देती हैं। असल में, यह दिन बड़े आयोजन नहीं, बल्कि मां के साथ कुछ सच्चे और छोटे पलों एक फोन कॉल, साथ बिताया वक्त या दिल से कहा गया धन्यवाद के बारे में है।
Mother’s Day : कब है?
साल 2026 में मदर्स डे 10 मई, रविवार को मनाया जाएगा। भारत में भी इसे अमेरिका और कनाडा की तरह हर साल मई के दूसरे रविवार को ही सेलिब्रेट किया जाता है।
Mother’s Day : हर साल तारीख क्यों बदलती है?
मदर्स डे किसी तय तारीख पर नहीं, बल्कि एक खास दिन यानी मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। यही वजह है कि इसकी तारीख हर साल बदल जाती है, क्योंकि कैलेंडर के अनुसार रविवार की तारीख अलग-अलग पड़ती है। हालांकि, सभी देशों में यह एक ही दिन नहीं मनाया जाता कुछ जगहों पर स्थानीय परंपराओं और इतिहास के अनुसार इसकी अलग तारीख होती है।

Mother’s Day : शुरुआत कैसे हुई?
मदर्स डे की शुरुआत 20वीं सदी की शुरुआत में अमेरिका में हुई थी। साल 1908 में अन्ना जार्विस ने अपनी मां की याद में वेस्ट वर्जीनिया में एक कार्यक्रम आयोजित किया था। इसके बाद उन्होंने इस दिन को आधिकारिक मान्यता दिलाने के लिए अभियान चलाया और आखिरकार 1914 में इसे अमेरिका में आधिकारिक अवकाश घोषित कर दिया गया।
Mother’s Day : क्या यह सार्वजनिक अवकाश होता है?
आम तौर पर मदर्स डे किसी भी देश में सार्वजनिक अवकाश नहीं होता, भारत में भी नहीं। इस दिन स्कूल, दफ्तर और बाजार खुले रहते हैं।
Mother’s Day : असली महत्व
हालांकि यह छुट्टी नहीं होती, लेकिन भावनात्मक रूप से इसका खास महत्व है। यह दिन मां और मातृ समान लोगों के प्रति प्यार, सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर देता है। कई बार सबसे सरल चीजें जैसे एक फोन कॉल, साथ में खाना या दिल से कहा गया ‘धन्यवाद’ ही इस दिन को खास बना देती हैं।

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