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Gwalior: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऋषि गालव विश्वविद्यालय ग्वालियर के भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिल

Gwalior

Gwalior मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर की ऐतिहासिक धरती पर ऋषि गालव विश्वविद्यालय की आधारशिला रखते हुए कहा कि यह संस्थान केवल डिग्री देने का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का स्थल बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वीरता और कला की नगरी ग्वालियर अब आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कारों के संगम के रूप में ‘एजुकेशन हब’ बनकर उभरेगी। मध्य भारत शिक्षा समिति द्वारा स्थापित यह विश्वविद्यालय आगामी गुरु पूर्णिमा तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

Gwalior 85 वर्षों का गौरवमयी सफर और राष्ट्रवादी विजन

मुख्यमंत्री ने मध्य भारत शिक्षा समिति के संस्थापक सदाशिव गणेश गोखले को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पराधीनता के दौर में 1941 में उन्होंने शिक्षा की जो अलख जगाई थी, वह आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुकी है।

  • विकास यात्रा: एक स्कूल से शुरू हुआ यह सफर आज 4 कॉलेजों, 5 स्कूलों और एक खेल अकादमी तक पहुँच चुका है, जहाँ 5 हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
  • पाठ्यक्रम: ऋषि गालव विश्वविद्यालय में छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान और उन्नत टेक्नोलॉजी की शिक्षा दी जाएगी, ताकि वे समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक बन सकें।

Gwalior नई शिक्षा नीति और सांस्कृतिक नवाचार: काले कोट की जगह साफा

डॉ. मोहन यादव ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब प्रदेश में गुलामी के प्रतीकों को त्याग कर भारतीय मूल्यों को अपनाया जा रहा है।

  • वेशभूषा में बदलाव: विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में अब काले कोट के स्थान पर भारतीय वेशभूषा और साफे की परंपरा शुरू की गई है।
  • कुलगुरु संबोधन: कुलपति को अब सम्मानजनक ‘कुलगुरु’ के नाम से पुकारा जाता है और पूरे प्रदेश में गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
  • चरित्र निर्माण: भगवान श्रीकृष्ण और सांदीपनि आश्रम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य अमीर-गरीब के भेद को मिटाना और दक्षता के साथ चरित्र का निर्माण करना है।

Gwalior शहीदों के नाम पर विश्वविद्यालय और ‘कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस’

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि प्रदेश के युवाओं को अपनी माटी के नायकों से जोड़ने के लिए कई नए विश्वविद्यालय शुरू किए गए हैं:

  • नये संस्थान: गुना में तात्या टोपे विश्वविद्यालय, खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय और सागर में रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।
  • पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस: प्रदेश के सभी 55 जिलों में ‘पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किए गए हैं, जिन्हें नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत बहु-संकाय (Multi-faculty) कॉलेजों के रूप में अपग्रेड किया गया है।

Gwalior मुख्यमंत्री ने अंत में पश्चिम बंगाल के चुनावी संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सीमाओं तक राष्ट्रवादी विचारधारा का विस्तार हो रहा है। उन्होंने मध्य भारत शिक्षा समिति को इस गौरवशाली पहल के लिए बधाई दी और विश्वविद्यालय के शीघ्र संचालन की कामना की।

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