संवाददाता: रतन कुमार
Jamtara झारखंड के जामताड़ा जिले का करमाटांड़ प्रखंड इन दिनों शिवमय हो गया है। मट्टाड़ झिलुवा में आयोजित शिव शक्ति महायज्ञ श्रद्धा और भक्ति का संगम बना हुआ है। इस महायज्ञ के दौरान आयोजित सांस्कृतिक संध्या में जब मशहूर भजन गायिका शहनाज अख्तर ने मंच संभाला, तो पूरा माहौल ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
Jamtara भक्तिमय संगीत और श्रद्धालुओं का जनसैलाब
देर रात तक चले इस भव्य भजन कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। जैसे ही शहनाज अख्तर ने अपनी सुरीली आवाज में माता रानी और भगवान शिव के भजनों की प्रस्तुति शुरू की, पंडाल में मौजूद लोग भक्ति में लीन होकर झूमने लगे। रात की ठंड भी भक्तों के उत्साह को डिगा नहीं सकी और लोग कार्यक्रम के अंत तक जमे रहे। शहनाज के चर्चित भजनों ने इस महायज्ञ को एक नई ऊंचाई और पहचान प्रदान की है।

Jamtara “सनातन धर्म और संस्कारों से हूँ प्रभावित”
कार्यक्रम के दौरान शहनाज अख्तर ने अपने संबोधन से सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने मंच से साझा किया कि भले ही उनका जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ है, लेकिन वे वैचारिक रूप से सनातन धर्म की परंपराओं और महान संस्कारों से गहराई से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि संगीत और भक्ति का कोई धर्म नहीं होता और वे हमेशा से सनातन संस्कृति की सराहना करती आई हैं।
Jamtara कट्टरपंथी सोच का विरोध और सामाजिक संदेश
अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर शहनाज अख्तर ने समाज को बांटने वाली कट्टरपंथी विचारधारा पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि समाज को संस्कारों और प्रेम की आवश्यकता है, न कि अलगाव की। आयोजकों ने बताया कि शहनाज अख्तर की उपस्थिति और उनके सकारात्मक विचारों ने इस धार्मिक अनुष्ठान को न केवल जीवंत किया, बल्कि समाज में सद्भावना का एक बड़ा संदेश भी दिया है।





