Bhopal मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश की शानदार उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने इस सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और राज्य सरकार की ‘अंत्योदय’ के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम बताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, मध्य प्रदेश ने न केवल ऋण वितरण में बल्कि डिजिटल लेन-देन और छोटे निकायों के सशक्तिकरण में भी देश के सामने एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। यह योजना अब 31 मार्च, 2030 तक के लिए विस्तारित कर दी गई है, जिससे नगरीय अर्थतंत्र को और मजबूती मिलेगी।

Bhopal राष्ट्रीय रैंकिंग: बड़े शहरों से लेकर छोटे निकायों तक का वर्चस्व
मध्य प्रदेश के शहरों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है:
- इंदौर नगर निगम: नवीन पीएम स्वनिधि योजना के तहत 33,332 ऋण वितरित कर देशभर के नगरीय निकायों में प्रथम स्थान पर रहा।
- भोपाल और जबलपुर: 10 लाख से 40 लाख की जनसंख्या वाली श्रेणी में भोपाल दूसरे और जबलपुर तीसरे स्थान पर रहा।
- छोटे निकायों का कमाल: 1 लाख से कम आबादी वाले निकायों में सारणी नगर पालिका ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही बालाघाट (5वें), टीकमगढ़ (7वें) और हरदा (9वें) स्थान पर रहे।
Bhopal ऋण सहायता और वित्तीय समावेश
योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) के जीवन में बड़ा बदलाव आया है:

- कुल लाभार्थी: अब तक 9.92 लाख से अधिक पथ-विक्रेताओं को लाभ मिला है।
- वितरित राशि: 15.69 लाख ऋण प्रकरणों के जरिए 2632 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुँचाई गई।
- नई सुविधाएं: अब 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपये की क्रमिक ऋण सहायता के साथ-साथ 30,000 रुपये की सीमा वाला UPI-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड भी दिया जा रहा है।
Bhopal डिजिटल क्रांति और कैशबैक का लाभ
मध्य प्रदेश के छोटे व्यापारी अब तकनीक के साथ कदम से कदम मिला रहे हैं:
- डिजिटल लेन-देन: प्रदेश के 7 लाख से अधिक पथ-विक्रेता अब डिजिटल पेमेंट का उपयोग कर रहे हैं।
- कैशबैक: डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के परिणामस्वरूप इन छोटे व्यापारियों को 47 करोड़ रुपये से अधिक का कैशबैक प्राप्त हुआ है।
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