Women Reservation Bill: शुक्रवार को लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल को मंजूरी नहीं मिल सकी। इस बिल के पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस हुई, लेकिन अंत में पर्याप्त समर्थन न मिलने के कारण यह पारित नहीं हो पाया। बिल के गिरने को देशभर की महिलाओं के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
Women Reservation Bill: नवनीत राणा की भावुक प्रतिक्रिया
नवनीत राणा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए भावुक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने इस बिल का विरोध किया है, उन्हें देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी। उनके मुताबिक, यह दिन महिलाओं के लिए बेहद निराशाजनक है और इसे एक काले दिन के रूप में याद किया जाएगा।
Women Reservation Bill: विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

नवनीत राणा ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के अधिकारों से समझौता किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस महत्वपूर्ण बिल को रोक दिया, जिससे देश की महिलाओं को नुकसान हुआ।
Women Reservation Bill: प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना
अपने बयान में राणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि एक प्रधानमंत्री के रूप में महिलाओं के लिए इस तरह का विधेयक संसद तक लाना एक बड़ा कदम था, जिसके लिए देश की महिलाएं आभार व्यक्त कर रही हैं।
Women Reservation Bill: वोटिंग में नहीं मिला आवश्यक समर्थन
गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में बहस का जवाब देते हुए विपक्ष के सवालों का समाधान करने की कोशिश की। हालांकि, जब वोटिंग हुई तो बिल के समर्थन में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट मिले। संविधान संशोधन के लिए जरूरी 352 वोट नहीं मिलने के कारण यह बिल पास नहीं हो सका।
Women Reservation Bill: अन्य संबंधित विधेयक भी गिरे
संविधान संशोधन बिल के पारित न होने के चलते इससे जुड़े दो अन्य विधेयक भी स्वतः निरस्त हो गए। इससे महिलाओं के आरक्षण को लेकर सरकार की पहल को फिलहाल झटका लगा है।
read also: Women Empowerment Bill पर डॉ यादव का कांग्रेस पर हमला, बोले-“जनता देगी जवाब”





