Report: Ram Yadav
Vidisha नशे के सौदागरों के खिलाफ विदिशा पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कोतवाली, सिविल लाइन और गंजबासौदा पुलिस की संयुक्त टास्क फोर्स ने पिछले दो महीनों से चल रहे एक बड़े स्मैक तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने राजस्थान से जुड़े इस गिरोह के मुख्य सरगना सहित 13 आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है।
Vidisha राजस्थान से संचालित हो रही थी सप्लाई चेन
एसपी रोहित काशवानी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह कार्रवाई किसी एक दिन की मेहनत नहीं, बल्कि पिछले डेढ़ से दो महीने की सघन जांच और घेराबंदी का परिणाम है। स्पेशल टास्क फोर्स ने न केवल स्थानीय स्तर पर नशा बेचने वालों को पकड़ा, बल्कि पूरी सप्लाई चेन को ट्रैक करते हुए मुख्य सरगना को राजस्थान से गिरफ्तार किया है।

Vidisha मर्सिडीज और अर्टिगा से होती थी तस्करी
पकड़े गए तस्करों का नेटवर्क काफी हाई-प्रोफाइल था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1 करोड़ 21 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया है। इसमें शामिल हैं:
- नशीला पदार्थ: करीब 92 ग्राम शुद्ध स्मैक।
- लग्जरी गाड़ियां: तस्करी में इस्तेमाल होने वाली मर्सिडीज और अर्टिगा जैसी महंगी गाड़ियां।
- नकदी व अन्य: आरोपियों के पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कुछ नकदी भी बरामद हुई है।
Vidisha डिजिटल पेमेंट और पब्लिक प्लेस पर डिलीवरी
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाते थे। नशीले पदार्थों का सौदा मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल पेमेंट लेकर किया जाता था। पेमेंट मिलने के बाद गिरोह के सदस्य सार्वजनिक स्थानों (पार्क, बस स्टैंड या सुनसान रास्तों) पर स्मैक की डिलीवरी करते थे।
इस पूरे ‘ऑपरेशन’ को सफल बनाने में टास्क फोर्स के 40 जांबाज सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि जिले में फैले नशे के अन्य छोटे नेटवर्कों को भी ध्वस्त किया जा सके।





