BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi क्यूबा और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तल्खी एक बार फिर चरम पर पहुँच गई है। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने अमेरिका को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके देश पर किसी भी तरह का सैन्य हमला या सत्ता परिवर्तन की कोशिश अमेरिका को बहुत भारी पड़ेगी। उन्होंने साफ किया कि क्यूबा अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए आखिरी सांस तक लड़ेगा।

New Delhi ‘वतन के लिए मरना ही जीना है’
एनबीसी न्यूज के कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ को दिए एक विशेष इंटरव्यू में राष्ट्रपति डियाज-कैनेल ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि अमेरिका के पास क्यूबा के आंतरिक मामलों में दखल देने या सैन्य कार्रवाई करने का कोई कानूनी या नैतिक आधार नहीं है। उन्होंने भावुक होते हुए राष्ट्रगान का जिक्र किया और कहा, “अगर हमला हुआ तो संघर्ष होगा। हम अपना बचाव करेंगे और जरूरत पड़ी तो अपनी जान भी दे देंगे, क्योंकि हमारे लिए वतन के लिए मरना ही असली जीना है।”

New Delhi बिना शर्त संवाद को तैयार, पर झुकेंगे नहीं
दोनों देशों के बीच गुप्त वार्ताओं की खबरों के बीच डियाज-कैनेल ने स्पष्ट किया कि क्यूबा बातचीत के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन यह संवाद बिना किसी पूर्व शर्त के होना चाहिए। उन्होंने अमेरिका की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें क्यूबा के राजनीतिक सिस्टम में बदलाव की बात कही जाती है। राष्ट्रपति ने तर्क दिया, “जब हम अमेरिका से उनका सिस्टम बदलने को नहीं कहते, तो अमेरिका को भी हमारे राजनीतिक ढांचे पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है।”

New Delhi आर्थिक संकट के लिए अमेरिका जिम्मेदार
क्यूबा वर्तमान में अपने सबसे बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है। राष्ट्रपति ने इसके लिए अमेरिका द्वारा लगाई गई ‘ऊर्जा नाकेबंदी’ (Energy Blockade) को मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध की वजह से देश में स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन और उत्पादन ठप पड़ रहे हैं।
- ईंधन की कमी: क्यूबा अपनी जरूरत का केवल 40% ईंधन ही पैदा कर पाता है।
- विदेशी मदद: वेनेजुएला से आपूर्ति बंद होने के बाद अब रूस से कच्चा तेल मंगाकर स्थिति संभालने की कोशिश की जा रही है।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा क्यूबा सरकार पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार करते हुए डियाज-कैनेल ने कहा कि ये बयान केवल युद्ध भड़काने वाले हैं और क्यूबा अपने देश की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
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