Iran US Talk failure: ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस्लामाबाद वार्ता नाकाम होने पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई अहम बातचीत लगभग सफल होने की कगार पर थी, लेकिन अंतिम समय में अमेरिकी रुख बदलने से यह वार्ता बेनतीजा खत्म हो गई। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने में बहुत कम दूरी रह गई थी।
Iran US Talk failure: सोशल मीडिया पर दी जानकारी
In intensive talks at highest level in 47 years, Iran engaged with U.S in good faith to end war.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 12, 2026
But when just inches away from "Islamabad MoU", we encountered maximalism, shifting goalposts, and blockade.
Zero lessons earned
Good will begets good will.
Enmity begets enmity.
ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इस पूरी स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि बातचीत के दौरान सकारात्मक माहौल था, लेकिन अंत में परिस्थितियां बदल गईं और समझौता नहीं हो सका।
Iran US Talk failure: क्यों नहीं बन पाई बात?
अराघची के मुताबिक, ईरान ने युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से पूरी ईमानदारी और गंभीरता के साथ बातचीत की थी। हालांकि अमेरिका की ओर से अत्यधिक मांगें रखी गईं, साथ ही बातचीत के दौरान बार-बार शर्तों और लक्ष्यों में बदलाव किया गया, जिससे सहमति बनना मुश्किल हो गया।
Iran US Talk failure: 50 साल में सबसे अहम बातचीत
ईरान का कहना है कि यह वार्ता पिछले लगभग पांच दशकों में दोनों देशों के बीच सबसे उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण बातचीत थी। अराघची ने कहा कि इतनी बड़ी पहल के बावजूद अंतिम चरण में रुकावटें आने से समझौता नहीं हो सका।
Iran US Talk failure: अमेरिका की शर्तों पर उठे सवाल
ईरानी विदेश मंत्री ने विस्तार से यह नहीं बताया कि किन मुद्दों पर बातचीत अटकी, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की जिद और ज्यादा मांगों ने स्थिति को बिगाड़ दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सकारात्मक रवैये से ही सकारात्मक परिणाम निकलते हैं, जबकि टकराव से दूरी बढ़ती है।
Iran US Talk failure: ईरान के राष्ट्रपति ने भी जताई उम्मीद
इससे पहले मसूद पेज़ेश्कियन ने भी संकेत दिया था कि बातचीत के जरिए समाधान की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह दबाव की नीति छोड़कर ईरान के अधिकारों का सम्मान करे, ताकि किसी समझौते का रास्ता निकल सके।
Iran US Talk failure: आगे की स्थिति पर नजर
इस्लामाबाद में हुई यह बातचीत पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने के लिए अहम मानी जा रही थी। हालांकि फिलहाल वार्ता बेनतीजा रही है, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर भविष्य में फिर से बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
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