संवाददाता: आलोक भारद्वाज
Bhind मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कद्दावर कांग्रेस नेता डॉ. गोविन्द सिंह के ‘लाल सिंह पैलेस’ पर आखिरकार जेसीबी चल गई। दिलचस्प बात यह है कि यह कार्रवाई प्रशासन ने नहीं, बल्कि स्वयं पूर्व मंत्री ने शासन के डर और कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए की है। काफी समय से विवादों में रहे इस अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर पालिका ने सात दिन का समय दिया था, जिसकी समय सीमा समाप्त होने से पहले ही बाउंड्री वॉल को ढहा दिया गया।
Bhind भाजपा विधायक की पिटीशन और हाईकोर्ट का सख्त रुख
लाल सिंह पैलेस के अतिक्रमण का मामला तब गरमाया जब लहार के वर्तमान भाजपा विधायक अम्बरीश शर्मा ‘गुड्डू’ ने ग्वालियर हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (Pritition) दायर की। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि पूर्व मंत्री ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर पैलेस का निर्माण किया है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, लहार नगर पालिका सीएमओ ने डॉ. गोविन्द सिंह को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर अवैध हिस्सा हटाने के निर्देश दिए थे।

Bhind देर रात हुई कार्रवाई और सोशल मीडिया पर वायरल बयान
नगर पालिका द्वारा दी गई समय सीमा खत्म होने ही वाली थी कि पूर्व मंत्री ने स्वयं की जेसीबी लगवाकर पैलेस की विवादित बाउंड्री वॉल को तुड़वा दिया। यह कार्रवाई देर रात तक चलती रही। जैसे ही अतिक्रमण हटने की खबर फैली, डॉ. गोविन्द सिंह के पुराने बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे, जिनमें वे अक्सर अतिक्रमण और सरकारी कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष को चुनौती देते नजर आते थे।
Bhind राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय
लहार विधानसभा क्षेत्र में इस कार्रवाई को वर्तमान विधायक की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, समर्थकों का कहना है कि पूर्व मंत्री ने कानून का सम्मान करते हुए यह कदम उठाया है। प्रशासन की इस सख्ती ने साफ संदेश दिया है कि अतिक्रमण के मामलों में अब रसूख काम नहीं आएगा। फिलहाल, नगर पालिका की टीम द्वारा मौके का मुआयना किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पूरा अतिक्रमण हटा लिया गया है।
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