Isa Ahmad
REWA: मध्य प्रदेश के तीन आदर्श (मॉडल) स्कूल-जवारा, रीवा और भोपाल-में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद चार महीने बीत जाने के बाद भी पदस्थापना नहीं हो सकी है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही छात्र-छात्राएं शिक्षकों के आने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
REWA: जानकारी के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा पिछले वर्ष सितंबर में प्रदेशभर से पात्र शिक्षकों के आवेदन आमंत्रित किए गए थे। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों में से चयन के लिए मेरिट सूची तैयार की गई। इसके बाद भोपाल, रीवा और जवारा के लिए व्याख्याता एवं उच्च श्रेणी शिक्षक पदों हेतु साक्षात्कार और डेमो क्लास आयोजित किए गए।
REWA: नियुक्ति प्रक्रिया पूरी, फिर भी विभागीय लापरवाही से स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई
चयन समिति ने नवंबर माह में प्रक्रिया पूरी कर 12 जनवरी 2026 को चयनित शिक्षकों की सूची जारी कर दी थी। यह सूची संबंधित विभागों को इस निर्देश के साथ भेजी गई कि चयनित शिक्षकों को मॉडल स्कूलों में प्रतिनियुक्त किया जाए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि लगभग चार महीने बीत जाने के बाद भी फाइलें विभागों में लंबित पड़ी हैं और शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है।
इस देरी का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। अप्रैल से शुरू हुए नए सत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। छात्र-छात्राओं को नियमित शिक्षकों के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
REWA: ऊंची पहुंच वालों को मिल रही प्राथमिकता?
गौरतलब है कि पहले इन पदों पर अक्सर ऊंची पहुंच वाले या अस्थायी शिक्षकों को बैकडोर तरीके से प्रतिनियुक्ति दी जाती रही है। हालांकि इस बार पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए योग्य शिक्षकों का चयन किया गया, लेकिन नियुक्ति में हो रही देरी ने फिर से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
READ ALSO: bjp 47th foundation day : शून्य से शिखर तक की यात्रा, भारतीय जनता पार्टी का सफरनामा
यदि जल्द ही नियुक्ति नहीं की गई, तो इन मॉडल स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ सकता है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मुद्दे पर कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं।





