Dhar Bhojshala : मध्यप्रदेश धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। मध्यप्रदेश धार्मिक लोक और सांस्कृतिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में अपनी पहचान गढ़ रहा है। उज्जैन के महाकाल लोक की ऐतिहासिक सफलता के बाद प्रदेश सरकार ने अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर ‘लोक’ परियोजनाओं का विस्तार तेज कर दिया है। सरकार का दावा है कि प्रदेश में करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से 20 धार्मिक और सांस्कृतिक लोक विकसित किए जा रहे हैं।
उज्जैन के महाकाल लोक ने जिस तरह देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित किया, उसी मॉडल को अब पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में अब भोजशाला परिसर को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि धार में भव्य सरस्वती लोक का निर्माण किया जाएगा, जो मां वाग्देवी और राजा भोज की ज्ञान परंपरा को समर्पित होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना किये जाने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि धार अब नई दुनिया में प्रवेश कर रहा है। सरकार की योजना महाकाल लोक की तर्ज पर भोजशाला क्षेत्र को विकसित करने की है, जहां धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कृत शिक्षा और ऐतिहासिक विरासत को भी केंद्र में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 25 मई को वो हुआ, जो पिछले 750 साल में नहीं हुआ। यहां पहली बार भोजशाला में मां वाग्देवी का पूरे विधि-विधान से पूजन हुआ। उन्होंने धारवासियों को न केवल बधाई दी, बल्कि यहां तक कह दिया कि अब धार में वो सब होगा, जो वो चाहेंगे।
Dhar Bhojshala : धार्मिक लोक से पर्यटन को मजबूती, अर्थव्यवस्था को गति
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरासत से विकास के संकल्प की बात दोहराई। अब इस घोषणा को प्रदेश सरकार सांस्कृतिक पुनर्जागरण और धार्मिक पर्यटन के बड़े प्रोजेक्ट के रूप में देख रही है। माना जा रहा है कि सरस्वती लोक बनने के बाद धार राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरेगा।
दरअसल धार्मिक लोकों के जरिए मध्यप्रदेश सरकार एक ऐसा इको-सिस्टम तैयार करना चाहती है, जहां आस्था, पर्यटन, संस्कृति और अर्थव्यवस्था एक साथ आगे बढ़ें। यही वजह है कि अब मध्यप्रदेश को धार्मिक पर्यटन का पावरहाउस बनाने की रणनीति पर तेजी से काम हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन को आत्मसात करते हुए ये स्थल भविष्य में पर्यटन के वैश्विक केंद्रों के रूप में स्थापित होंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
Dhar Bhojshala : राज्य के विकास के नए ग्रोथ इंजन धार्मिक और सांस्कृतिक ‘लोक’
मध्य प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर विभिन्न ‘लोक’ विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि ये लोक केवल ईंट-पत्थरों के निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राज्य के विकास के नए ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहे हैं। मध्यप्रदेश में जिन प्रमुख धार्मिक लोकों पर काम हो रहा है, उनमें श्रीराम राजा लोक, हनुमान लोक और धार में प्रस्तावित सरस्वती लोक खास तौर पर चर्चा में हैं। ओरछा में श्रीराम राजा लोक को महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जबकि पांढुर्णा के जामसांवली में देश का पहला हनुमान लोक तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निर्मित हो रहे धार्मिक और सांस्कृतिक लोक सिर्फ निर्माण परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि ये मध्य प्रदेश के विकास को नई दिशा देने वाले केंद्र बनेंगे।

Dhar Bhojshala : मध्यप्रदेश में करीब 20 धार्मिक लोकों का निर्माण व विकास
श्री महाकाल लोक (उज्जैन)
• यह भव्य कॉरिडोर पहले ही बनकर तैयार है, जहां श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ अलौकिक अनुभव मिलता है।
श्रीराम राजा लोक (ओरछा)
• यहां रामराजा मंदिर के आसपास के क्षेत्र को भव्य रूप देने के लिए दूसरे चरण का निर्माण कार्य जारी है।
श्री हनुमान लोक (पांढुर्णा)
• छिंदवाड़ा-पांढुर्णा के जामसांवली में 314 करोड़ की लागत से इसे विकसित किया जा रहा है।
श्री खेड़ापति हनुमान लोक (भोपाल)
• भोपाल के छोला क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ की लागत से 21 एकड़ क्षेत्र में महाकाल लोक की तर्ज पर कॉरिडोर।
संत रविदास लोक (सागर)
• सागर में संत रविदास लोक 101 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है, जिसे सामाजिक समरसता का प्रतीक।
अन्य प्रस्तावित लोक
• महेश्वर में अहिल्या लोक, मंदसौर में पशुपतिनाथ लोक
• दतिया में पीतांबरा माई महालोक, जानापाव में परशुराम लोक
• सलकनपुर में देवी महालोक, पन्ना में जुगल किशोर सरकार लोक
• आगर-मालवा में बाबा बैजनाथ लोक, दमोह (बांदकपुर) में जागेश्वर लोक
• अमरकंटक में माँ नर्मदा महालोक का निर्माण कार्य भी शामिल
उद्देश्य
• पर्यटन, रोजगार को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना
• सांस्कृतिक और धार्मिक लोक बन रहे मध्य प्रदेश के विकास के ग्रोथ इंजन
Dhar Bhojshala : हर वर्ग के लिए आर्थिक समृद्धि का द्वार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “हस्तशिल्पियों से लेकर सेवा क्षेत्र तक, इन लोकों का विकास समाज के हर वर्ग के लिए आर्थिक समृद्धि का नया द्वार खोलेगा। आस्था का यह महायज्ञ जहां एक ओर हमारी सांस्कृतिक जड़ों को सींच रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश को आधुनिकता और आत्मनिर्भरता के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

