America- Iran: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में सैन्य कार्रवाई भी की है। अमेरिकी सेना ने इन हमलों को “आत्मरक्षा में उठाया गया कदम” बताया है। घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
America- Iran: ट्रंप ने न्यूक्लियर डील को लेकर दिया संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए संकेत दिया कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर दोनों देशों के बीच कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनती दिख रही है। ट्रंप ने कहा कि बातचीत आगे बढ़ रही है और जल्द कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है।
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को लेकर विवाद जारी है। ऐसे में ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी अहम माना जा रहा है।
America- Iran: दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमले
इसी बीच अमेरिकी सेना ने मंगलवार सुबह दक्षिणी ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमले उन स्थानों पर किए गए जहां मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम और बारूदी सुरंगें बिछाने वाली नौकाएं मौजूद थीं।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और रणनीतिक हितों की सुरक्षा के लिए की गई। हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
America- Iran: बंदर अब्बास पोर्ट पर हमला, ईरानी नौकाएं तबाह
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट के पास कार्रवाई करते हुए दो ईरानी नौकाओं को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि इस हमले में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC की नौसेना इकाई को नुकसान पहुंचा है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में जवानों के हताहत होने की भी आशंका जताई गई है, हालांकि ईरान की ओर से इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
America- Iran: अमेरिकी सेना ने बताया रक्षात्मक कदम
अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना ने अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई की है। उनके अनुसार दक्षिणी ईरान से अमेरिकी सैन्य हितों को खतरा पैदा हो रहा था, जिसके बाद आत्मरक्षा के तहत हमले किए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा युद्धविराम जैसी स्थिति के दौरान अमेरिका संयम बरत रहा है, लेकिन यदि सैनिकों की सुरक्षा को खतरा होगा तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
America- Iran: बातचीत पर असर पड़ने की संभावना कम
हालांकि सैन्य कार्रवाई के बावजूद कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पूरी तरह बंद नहीं होगी। अमेरिकी और अरब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दोनों देश अब भी कूटनीतिक रास्ते खुले रखना चाहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका एक तरफ दबाव की रणनीति अपना रहा है, वहीं दूसरी ओर परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी रखना चाहता है।
America- Iran: मिडिल ईस्ट में बढ़ सकती है अस्थिरता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव मिडिल ईस्ट की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही कई देशों के बीच रणनीतिक तनाव बना हुआ है। ऐसे में किसी भी बड़े सैन्य टकराव का असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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