Report: Alok Bhardwaj
Bhind Education Department Scam भिंड जिले के शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा मामला सामने आने के बाद लाखों रुपये के संभावित वित्तीय घोटाले की चर्चा तेज हो गई है। शिकायतकर्ता बसंत कुमार शर्मा का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2026 के बीच अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में लगातार अनियमितताएं हुईं। उनका कहना है कि विद्यालय के उपस्थिति रजिस्टर में ऐसे शिक्षकों के नाम दर्ज किए गए, जो कथित तौर पर कभी विद्यालय में कार्यरत ही नहीं रहे।

Bhind Education Department Scam पुराने रिकॉर्ड गायब होने से बढ़ा संदेह
मामले की पड़ताल के दौरान विद्यालय के पुराने उपस्थिति रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिले, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में पदस्थ एक शिक्षक ने बताया कि पुराने रजिस्टर उनके पास नहीं हैं और उन्हें प्रभारी प्राचार्य आनंद स्वरूप शर्मा अपने पास रखते हैं। संबंधित शिक्षक ने यह भी जानकारी दी कि वह वर्ष 2019 से विद्यालय में पदस्थ हैं, लेकिन वर्ष 2023-24 के दौरान आरती शर्मा, अजय दीक्षित, पूजा परमार, मंदाकिनी और रीना शर्मा नाम के शिक्षक विद्यालय में कार्यरत नहीं थे। इस बयान के बाद उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज नामों और वास्तविक पदस्थापना को लेकर संदेह और गहरा गया है।

Bhind Education Department Scam प्रभारी प्राचार्य पर हितों के टकराव का आरोप
Bhind Education Department Scam मामले में सबसे गंभीर आरोप प्रभारी प्राचार्य आनंद स्वरूप शर्मा पर लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी रीना शर्मा को अतिथि शिक्षक के रूप में लाभ पहुंचाया। आरोप है कि इससे उन्हें आर्थिक और अनुभव संबंधी लाभ प्राप्त हुआ, जो सरकारी नियमों और पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत माना जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद संबंधित दस्तावेजों और नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की मांग तेज हो गई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह शिक्षा विभाग में बड़े स्तर की प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितता का मामला साबित हो सकता है।





