BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बाद भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जो लगभग ढाई घंटे तक चली। इस बैठक में युद्ध के वैश्विक प्रभावों और भारत की आर्थिक व सामरिक स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई।

New Delhi ऊर्जा सुरक्षा और महंगाई पर कड़ा प्रहार
युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) बाधित होने की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री ने विशेष निर्देश जारी किए हैं:
Chaired a meeting of the Cabinet Committee on Security (CCS). Reviewed the steps being taken by various Ministries and Departments in the wake of the ongoing West Asia conflict and also discussed the next set of initiatives to be taken. Aspects relating to sectors like energy,… pic.twitter.com/vb0UluPbtu
— Narendra Modi (@narendramodi) April 1, 2026
- ईंधन आपूर्ति: तेल और गैस की कीमतों को स्थिर रखने के लिए LPG और LNG के आयात स्रोतों में विविधता लाने पर चर्चा हुई, ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सके।
- कीमतों पर नियंत्रण: आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों के साथ मिलकर विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि युद्ध की आड़ में जनता पर महंगाई का बोझ नहीं आने दिया जाएगा।
New Delhi अन्नदाता की सुरक्षा: खाद और उर्वरक का पुख्ता इंतजाम
किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए बैठक में उर्वरकों (Fertilizers) की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की गई:

- खाद की कमी नहीं: प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि खरीफ और रबी सीजन के लिए DAP और NPKS जैसे उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए।
- विदेशी समन्वय: अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने और घरेलू यूरिया उत्पादन को गति देने की योजना बनाई गई है ताकि वैश्विक संकट का असर भारतीय खेतों तक न पहुँचे।
- प्रभावित क्षेत्र: युद्ध से प्रभावित होने वाले MSME, विमानन (Aviation) और शिपिंग सेक्टर की चुनौतियों से निपटने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
New Delhi ‘राष्ट्रीय एकजुटता’ का आह्वान: अफवाहों से बचने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा स्थिति को ‘राष्ट्रीय चरित्र की परीक्षा’ करार देते हुए नागरिकों से संयम बरतने का आग्रह किया:

- भ्रामक खबरों पर रोक: संकट के समय गलत सूचनाएं और अफवाहें देश को नुकसान पहुँचा सकती हैं। सरकार की प्राथमिकता जनता तक केवल प्रामाणिक और सटीक जानकारी पहुँचाना है।
- राजनीतिकरण से परहेज: पीएम ने आगाह किया कि इस वैश्विक और मानवीय संकट का किसी भी स्तर पर राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर इस चुनौतीपूर्ण दौर का सामना करने की अपील की।





