Washington Security Threat: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका में ड्रोन हमले की आशंका को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन वॉशिंगटन स्थित एक अहम सैन्य क्षेत्र के पास एंटी-ड्रोन लेजर सिस्टम तैनात करने पर विचार कर रहा है।
Washington Security Threat: सैन्य बेस के पास तैनाती की योजना
अमेरिकी सेना LOCUST नामक लेजर सिस्टम को फोर्ट लेस्ली जे. मैकनेयर के आसपास स्थापित करने की योजना बना रही है। यह वही इलाका है जहां रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और विदेश सचिव मार्को रूबियो का निवास है। हाल में इस क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की सूचना के बाद यह कदम प्रस्तावित किया गया है।
Washington Security Threat: हवाई क्षेत्र में ड्रोन दिखने से बढ़ी चिंता
रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य क्षेत्र के आसपास के हवाई क्षेत्र में ड्रोन देखे जाने के बाद निगरानी और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि संवेदनशील ठिकानों पर खतरा मंडरा सकता है।
Washington Security Threat: FAA ने जताई सुरक्षा संबंधी आपत्ति

संघीय विमानन प्रशासन (FAA) ने इस प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लेजर तकनीक का उपयोग व्यस्त हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहे विमानों और पायलटों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है, खासकर तब जब यह इलाका रोनाल्ड रीगन नेशनल एयरपोर्ट के काफी करीब है।
Washington Security Threat: पहले हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता
पिछले वर्ष पोटोमैक नदी के ऊपर हुई एक घातक हवाई दुर्घटना में कई लोगों की मौत के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर पहले से ही कड़ी निगरानी रखी जा रही है। ऐसे में किसी भी नई तकनीक को लागू करने से पहले उसके जोखिमों का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है।
Washington Security Threat: व्हाइट हाउस बैठक में हुआ मतभेद
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर व्हाइट हाउस में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में भी तीखी चर्चा हुई। रक्षा विभाग जहां इस तकनीक को अपनाने के पक्ष में है, वहीं विमानन नियामक सुरक्षा को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं।
Washington Security Threat: लेजर तकनीक को लेकर अलग-अलग राय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेजर हथियारों को पारंपरिक मिसाइल सिस्टम के मुकाबले सस्ता और प्रभावी बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन से निपटने में यह तकनीक उपयोगी हो सकती है, लेकिन भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल चुनौतीपूर्ण रहेगा।





