BY
Yoganand Shrivastava
Nashik : फर्जी बाबा अशोक खरात के खिलाफ चल रही जांच में एक और चौंकाने वाला वित्तीय खुलासा हुआ है। नासिक के मिरगांव स्थित ‘श्री शिवनिका संस्थान’ (बाबा का ट्रस्ट) की ऑडिट रिपोर्ट ने जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। जो संस्थान वर्ष 2022 तक घाटे में चल रहा था, उसकी संपत्ति साल 2025 तक देखते ही देखते 1 करोड़ 81 लाख रुपये के पार पहुँच गई है।

Nashik घाटे से ‘करोड़पति’ बनने का रहस्यमयी सफर
ऑडिट रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 से 2022 के बीच इस संस्थान की हालत बेहद खस्ता थी। उस दौरान कुल आय मात्र 4.90 लाख रुपये के आसपास थी और संस्थान को लगभग 1.60 लाख रुपये का घाटा भी उठाना पड़ा था। लेकिन साल 2024 इस ट्रस्ट के लिए ‘मिरेकल ईयर’ साबित हुआ, जब अचानक 76 लाख 91 हजार रुपये की भारी-भरकम दानराशि संस्थान के खातों में जमा हुई। खर्चों के बाद भी संस्थान के पास 70.66 लाख रुपये की रिकॉर्ड शेष राशि बची रही।

Nashik SIT की रडार पर ‘दान की सुनामी’
जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस भारी-भरकम फंड का स्रोत क्या है? वर्ष 2022 में जिस संस्थान की कुल संपत्ति 96 लाख रुपये थी, वह महज तीन साल में दोगुनी कैसे हो गई? इसके अलावा, बैंक खातों में 23 लाख 35 हजार रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भी मिली है। SIT अब इस ‘दान की सुनामी’ के पीछे छिपे चेहरों और अवैध लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

Nashik पुलिस रिमांड और राजनीतिक हलचल
भोंदू बाबा अशोक खरात की पुलिस रिमांड आज समाप्त हो रही है, जिसके बाद SIT उसे नासिक जिला कोर्ट में पेश कर दोबारा रिमांड की मांग करेगी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच सही दिशा में है और जल्द ही खरात पर कई अन्य गंभीर मामले दर्ज किए जाएंगे। महाराष्ट्र में इस खुलासे के बाद हड़कंप मचा हुआ है कि कैसे धर्म की आड़ में इतना बड़ा आर्थिक खेल खेला जा रहा था।
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