बांग्लादेश: इस्कॉन मंदिर के संत चिन्मय कृष्ण दास को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने खारिज की जमानत

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ISKCON temple saint Chinmoy Krishna Das did not get relief, court rejected bail

ढाका: बांग्लादेश की चटगाँव की अदालत ने आज कड़ी सुरक्षा के बीच हुई सुनवाई के बाद पूर्व इस्कॉन संत चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका खारिज कर दी है। खबरों के मुताबिक मेट्रोपॉलिटन पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मोफिजुर हक के अनुसार दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के करीब 30 मिनट बाद चटगाँव मेट्रोपॉलिटन सेशन जज मोहम्मद सैफुल इस्लाम ने जमानत याचिका खारिज कर दी। वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य के नेतृत्व में कानूनी टीम बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के आरोप से उत्पन्न राजद्रोह के मामले में चिन्मय का बचाव कर रही है।

कौन हैं चिन्मय कृष्ण दास ?
चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी का पूरा नाम चंदन कुमार धर प्रकाश चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी है। वे संतान जागरण मंच के प्रवक्ता और इस्कॉन के संत हैं। हाल ही में चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी राजद्रोह के मामले में गिरफ्तारी के कारण राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गए ।

चिन्मय कृष्ण दास चटगांव में इस्कॉन की ओर से संचालित एक धार्मिक स्थल पुंडरिक धाम के प्रमुख भी हैं. जिन्हें ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस के डिटेक्टिव ब्रांच ने उन्हें 25 नवंबर 2024 को शाम साढ़े चार बजे हजरत शाहजालाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद 26 नवंबर को उन्हें चटगांव की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया था।