BY
Yoganand Shrivastava
Mumbai : मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सियासत में इन दिनों एक तस्वीर ने हड़कंप मचा दिया है। मामला M-ईस्ट वार्ड कमेटी की नवनिर्वाचित अध्यक्ष खैरुन्निसा अख्तर हुसैन के कार्यालय से जुड़ा है, जहाँ दीवारों पर लगी तस्वीरों ने भाजपा और एआईएमआईएम को आमने-सामने खड़ा कर दिया है।

Mumbai क्या है पूरा विवाद?
हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में देवनार-गोवंडी इलाके से AIMIM के 8 पार्षद जीतकर आए हैं, जिसके बाद M-ईस्ट वार्ड कमेटी पर पार्टी का कब्जा हुआ है। विवाद तब शुरू हुआ जब वार्ड कमेटी अध्यक्ष खैरुन्निसा हुसैन के सरकारी दफ्तर की तस्वीरें सामने आईं। इन तस्वीरों में पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी के साथ खैरुन्निसा के पति अकबर हुसैन की फोटो भी लगी थी। बता दें कि अकबर हुसैन एक व्यवसायी हैं और एक्सपोर्ट का बिजनेस करते हैं।

Mumbai बीजेपी का कड़ा प्रहार: “सरकारी दफ्तर या प्राइवेट केबिन?”
सरकारी कार्यालय में एक निजी व्यवसायी की फोटो लगाए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी ने सवाल उठाया कि एक संवैधानिक पद पर बैठी व्यक्ति के सरकारी दफ्तर में किसी एक्सपोर्टर या कारोबारी की फोटो किस हैसियत से लगाई गई है? बीजेपी ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन और सत्ता का दुरुपयोग करार दिया।
Mumbai पार्टी नेतृत्व की दखल और फोटो हटाने के आदेश
मामले के राजनीतिक तूल पकड़ते ही AIMIM नेतृत्व तुरंत हरकत में आया। विवाद को बढ़ता देख पार्टी की ओर से खैरुन्निसा हुसैन को तुरंत प्रभाव से फोटो हटाने के निर्देश दिए गए। आदेश मिलते ही कार्यालय से विवादित फोटो हटा ली गई है, लेकिन विपक्ष अब भी इस मुद्दे पर हमलावर है।

Mumbai ईरान-इजरायल युद्ध पर ओवैसी के बयान से गर्माया माहौल
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब हाल ही में असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की कड़ी निंदा की थी। ओवैसी ने इस हमले को ‘कायरतापूर्ण’ बताते हुए कहा था कि यदि यह युद्ध जारी रहा तो तेल की कीमतें बढ़ेंगी, जिसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। उनके इस बयान के बाद से ही एआईएमआईएम पहले से ही चर्चा के केंद्र में थी।





