BY
Yoganand Shrivastava
Pune “आज अगर पापा होते, तो दुनिया के सबसे खुश इंसान होते।” यह भावुक शब्द आसावरी जगदाले के हैं, जिन्हें महाराष्ट्र सरकार ने पुणे महानगरपालिका (PMC) में प्रशासन अधिकारी (Class-2) के पद पर नियुक्त किया है। करीब एक साल पहले पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपने पिता संतोष जगदाले को खोने वाली आसावरी के लिए यह नियुक्ति केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और धैर्य की जीत है।
Pune संघर्ष के 11 महीने और सरकार का साथ
पहलगाम की उस दुखद घटना के बाद जगदाले परिवार के लिए पिछला एक साल बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। आसावरी ने बताया कि नियुक्ति पत्र हाथ में आने तक का सफर आसान नहीं था।
- विशेष नियुक्ति: राज्य सरकार ने ‘स्पेशल केस’ के तहत आसावरी की फाइल आगे बढ़ाई।
- दिग्गजों का समर्थन: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के विशेष सहयोग से यह प्रक्रिया पूरी हुई। नियुक्ति के तुरंत बाद सीएम फडणवीस ने खुद आसावरी को फोन कर बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
Pune मां की हिम्मत और अपनों का सहारा
आसावरी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया। उन्होंने भावुक होकर कहा, “इतनी कठिन परिस्थिति में भी मेरी मां ने लगातार फॉलो-अप लिया और लोगों से मिलीं। उनकी हिम्मत की वजह से ही मैं खुद को संभाल पाई।” इसके साथ ही उन्होंने सांसद मेधा कुलकर्णी, केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोळ और अन्य सहयोगियों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उम्मीद टूटने के समय भी परिवार का साथ दिया।
Pune “जिम्मेदारी निभाने को तैयार हूं”
पुणे महानगरपालिका के आयुक्त ने आसावरी की क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए उन्हें एक सक्षम अधिकारी बताया है। इस पर आसावरी का कहना है कि वे इसे केवल प्रशंसा नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखती हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि प्रशासन अधिकारी के रूप में वे अपना 100 प्रतिशत योगदान देंगी और जनता की सेवा करेंगी।
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