BY
Yoganand Shrivastava
Tirumala खगोलीय गणना और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज 3 मार्च को लगने वाले पूर्ण चंद्र ग्रहण के कारण तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने मंदिर के संचालन में बड़ा बदलाव किया है। ग्रहण के सूतक काल को ध्यान में रखते हुए मंदिर के कपाट सुबह 9 बजे ही बंद कर दिए गए। यह पाबंदी अगले 11 घंटों तक प्रभावी रहेगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के दर्शन कार्यक्रम में बदलाव आया है।
दर्शन से लेकर लड्डू काउंटर तक सब कुछ ‘लॉक’
Tirumala मंदिर प्रशासन के अनुसार, सुबह 3 बजे मंदिर खोलकर सुप्रभात सेवा और अर्चना जैसी अनिवार्य रस्में पूरी की गईं, जिसके बाद सुबह 8 बजे भक्तों के लिए प्रवेश बंद कर दिया गया। सुबह 9 बजे मुख्य महाद्वारम पर ताले लगा दिए गए। वर्तमान में मंदिर परिसर के भीतर केवल सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। न केवल मुख्य मंदिर, बल्कि अन्नप्रसादम कॉम्प्लेक्स और मशहूर लड्डू वितरण केंद्र को भी अस्थाई रूप से बंद रखा गया है।
कैंसिल हुईं विशेष सेवाएं: रात 8:30 बजे से शुरू होगा प्रवेश
Tirumala ग्रहण के चलते आज की सभी प्रमुख सेवाएँ जैसे कल्याणोत्सवम, डोलोत्सवम और सहस्र दीपालंकरण को रद्द कर दिया गया है। मंदिर के द्वार शाम 7:30 बजे शुद्धिकरण के लिए खोले जाएंगे। पुण्याहवाचन और गर्भगृह की सफाई के बाद रात करीब 8:30 बजे से आम श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी। लड्डू की बिक्री रात 8 बजे से और अन्नप्रसादम का वितरण शुद्धिकरण प्रक्रिया के बाद ही शुरू हो पाएगा।
उत्तर से दक्षिण तक मंदिरों में पसरा सन्नाटा
Tirumala तिरुमला के साथ-साथ उत्तर भारत के प्रमुख केंद्रों में भी ग्रहण का असर साफ दिख रहा है। अयोध्या का राम मंदिर, काशी विश्वनाथ और मथुरा के बांके बिहारी मंदिर समेत देशभर के ज्योतिर्लिंगों और शक्तिपीठों के पट बंद हैं। शाम 6:47 बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद ही देश के इन सभी प्रमुख तीर्थस्थलों में साफ-सफाई और विशेष आरती की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके बाद ही भक्त अपने आराध्य की एक झलक पा सकेंगे।
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