रिपोर्ट: ऋषभ कुमार
Nawada सिरदला प्रखंड के लौंद चमोथा हाट निवासी भारतीय वायुसेना के जवान संजय कुमार का असामयिक निधन हो गया। छुट्टी पर अपने पैतृक गांव आए संजय कुमार ने पटना के मेदांता अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को धनारजय नदी तट पर पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
बीमारी के कारण हुआ असामयिक निधन
Nawada वायुसेना के जवान संजय कुमार वर्तमान में बेंगलुरु में पदस्थापित थे और 18 फरवरी को ही अवकाश लेकर अपने घर आए थे। 25 फरवरी को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें गया और फिर पटना रेफर किया गया। 28 फरवरी को इलाज के दौरान उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। वर्ष 2004 में वायुसेना में भर्ती हुए संजय कुमार अपने पीछे पत्नी सिंपी कुमारी, एक पुत्र और एक पुत्री का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
तिरंगे में लिपटकर पहुंचा पार्थिव शरीर, ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मान
Nawada संजय कुमार का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर जब उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो हर आंख नम हो गई। बिहटा एयरफोर्स स्टेशन से आए वायुसेना के अधिकारियों और जवानों ने सैन्य परंपरा का निर्वहन करते हुए उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया। बिगुल की मातमी धुन के बीच जवानों ने हवा में गोलियां दागकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। इस दौरान ‘संजय कुमार अमर रहे’ के नारों से पूरा आसमान गूंज उठा।
परिजनों को आर्थिक सहायता और प्रशासन का आश्वासन
Nawada अंतिम संस्कार के अवसर पर वायुसेना की दो टीमों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। वायुसेना की ओर से उनकी पत्नी को तत्काल 25 हजार रुपये की नकद सहायता राशि प्रदान की गई। अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए भविष्य में हर संभव सहयोग और विभागीय लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में याद किया।
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