Anti Naxal operation : छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से सक्रिय वरिष्ठ नक्सली कमांडर देवजी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। जानकारी के मुताबिक उसने तेलंगाना में सरेंडर किया है।
राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री Vijay Sharma ने इस घटनाक्रम को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता बताया है।
Anti Naxal operation : बसवा राजू के बाद बड़ा चेहरा था देवजी
डिप्टी सीएम ने कहा कि बसवा राजू के मारे जाने के बाद देवजी संगठन में अहम भूमिका निभा रहा था और वह वरिष्ठ वांटेड नक्सलियों में शामिल था। छत्तीसगढ़ में उसे अलग-अलग नामों—मल्ला राजू रेड्डी, मुरली और संग्राम—से जाना जाता था।

Anti Naxal operation : अभियान अंतिम चरण में: सरकार
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने दावा किया कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। उनके अनुसार:
Anti Naxal operation : अभी कुछ ही सक्रिय नक्सली बचे हैं..
उन्हें भी जल्द आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जाएगा, सरकार का लक्ष्य उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है, उन्होंने कहा कि सरेंडर करने वालों के पुनर्वास के लिए बैंक ऋण, खेती, रोजगार और विवाह जैसी सामाजिक व्यवस्थाओं में भी मदद दी जा रही है।
Anti Naxal operation : करेगुट्टा ऑपरेशन में भी सफलता
गृह मंत्री ने बताया कि करेगुट्टा क्षेत्र में चल रहे अभियान के दौरान अब तक 89 आईईडी निष्क्रिय किए जा चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस क्षेत्र में भी सुरक्षा बलों को निर्णायक सफलता मिलेगी और नक्सलियों का गढ़ पूरी तरह खत्म हो जाएगा। सरकार ने 31 मार्च तक राज्य में नक्सल गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण का लक्ष्य भी दोहराया है।
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