BY
Yoganand Shrivastava
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर कथित ड्रोन हमले की खबरों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा हालात में शांति हासिल करने का सबसे बेहतर माध्यम कूटनीतिक प्रयास ही हैं। यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब रूस ने यूक्रेन पर पुतिन के आवास को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीएम मोदी ने जताई चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रपति आवास को निशाना बनाए जाने की खबरें चिंताजनक हैं। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे टकराव बढ़ाने वाले कदमों से बचें और शांति बहाली के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों को कमजोर न करें।
रूस का दावा, यूक्रेन का खंडन
रूस का कहना है कि यूक्रेन ने 91 लंबी दूरी के ड्रोन के जरिए पुतिन के नोवगोरोड क्षेत्र स्थित कंट्री रेसिडेंस पर हमला करने की कोशिश की। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के अनुसार, सभी ड्रोन मार गिराए गए और किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। वहीं, यूक्रेन ने इस दावे को पूरी तरह खारिज किया है।
रूस ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि रूस को सही समय पर जवाब देने का अधिकार है। उन्होंने इन हमलों को शांति वार्ता को पटरी से उतारने की कोशिश बताया और आरोप लगाया कि कीव और उसके सहयोगी जानबूझकर तनाव बढ़ा रहे हैं।
ट्रंप की प्रतिक्रिया भी आई सामने
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पुतिन ने खुद उन्हें फोन कर हमले की जानकारी दी। ट्रंप ने इसे गलत करार देते हुए कहा कि इस समय इस तरह की घटनाएं बिल्कुल भी उचित नहीं हैं, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि दावे की सच्चाई को लेकर संदेह बना हुआ है।
शांति की अपील के बीच बढ़ा तनाव
एक ओर भारत समेत कई देश शांति और बातचीत पर जोर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रूस-यूक्रेन संघर्ष में ऐसे दावे हालात को और गंभीर बना रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का बयान इसी पृष्ठभूमि में कूटनीति और संवाद के महत्व को रेखांकित करता है।





