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Parliament Winter Session: मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत जी राम जी’ बिल पेश, विपक्ष का जोरदार विरोध

Parliament Winter Session

by: vijay nandan

Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में मंगलवार को केंद्र सरकार ने मनरेगा की जगह नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून पेश किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) 2025’, जिसे संक्षेप में ‘जी राम जी’ बिल कहा जा रहा है, सदन में प्रस्तुत किया। बिल पेश होते ही विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और सदन में नारेबाजी शुरू हो गई।

सरकार के मुताबिक नए कानून के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जबकि मौजूदा मनरेगा में 100 दिन का प्रावधान है। साथ ही मजदूरी भुगतान की व्यवस्था को भी बदला गया है, जिसमें अब हर सप्ताह भुगतान का प्रावधान रखा गया है। नए बिल में केंद्र के साथ-साथ राज्यों की हिस्सेदारी भी तय की गई है, जो 10 से 40 प्रतिशत तक होगी।

Parliament Winter Session: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बिल के नाम पर जताई आपत्ति

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बिल के नाम और प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को नाम बदलने की “सनक” समझ से परे है। उनका आरोप है कि नए कानून से ग्राम पंचायतों के अधिकार कमजोर होंगे और केंद्र सरकार के पास अधिक नियंत्रण चला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाने के बावजूद मजदूरी दरों में कोई ठोस बढ़ोतरी नहीं की गई है।

विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार नया कानून लाने के बजाय पुराने कानून का नाम बदलकर पेश कर रही है और इसका बोझ राज्यों पर डालने से योजना का असर कमजोर पड़ सकता है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और समाजवादी पार्टी सहित अन्य दलों ने भी इस बिल को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

मनरेगा में कई व्यावहारिक कमियों को दूर किया: केंद्रीय मंत्ीर शिवराज सिंह चौहान

वहीं, सरकार का पक्ष रखते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा में कई व्यावहारिक कमियां थीं, जिन्हें दूर करने के लिए नया कानून लाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महात्मा गांधी का सम्मान सरकार के लिए सर्वोपरि है और इस कानून का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर रोजगार और आजीविका को मजबूत करना है। हंगामे के बीच सदन ने इस विधेयक को संसद की संयुक्त समिति को भेज दिया है, जहां इसके विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।