Isa Ahmad
REPORT- PREMPAL SINGH
फिरोज़ाबाद में ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों ने अपने अधिकारों और कार्यक्षेत्र की स्पष्ट परिभाषा की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। ऑनलाइन उपस्थिति (FRS सिस्टम) और बढ़ते गैर-विभागीय कार्यों के विरोध में उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी–ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के आह्वान पर 1 दिसंबर से पूरे जनपद में चरणबद्ध सत्याग्रह शुरू किया जा रहा है।
समिति ने बताया कि सचिवों से अपेक्षा से अधिक अतिरिक्त दायित्व लिए जा रहे हैं, जिससे उनके मूल फील्ड कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसी के चलते आंदोलन की चार चरणों वाली रणनीति तैयार की गई है।
पहला चरण: 1 से 4 दिसंबर – काली पट्टी बांधकर काम
सभी पंचायत सचिव और ग्राम विकास अधिकारी 1 से 4 दिसंबर तक काली पट्टी बांधकर शासकीय कार्य करेंगे। यह प्रतीकात्मक विरोध गैर-विभागीय कार्यभार और ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के खिलाफ है।
दूसरा चरण: 5 दिसंबर – ब्लॉक मुख्यालय पर धरना और ज्ञापन
5 दिसंबर को सभी सचिव अपने-अपने ब्लॉक मुख्यालयों पर धरना देंगे। इसी दिन मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को सामूहिक ज्ञापन भेजा जाएगा। इसके अलावा, सचिव जनपद के सभी सरकारी व्हाट्सऐप ग्रुपों को सामूहिक रूप से छोड़कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
तीसरा चरण: 10 दिसंबर – निजी वाहन का उपयोग बंद
10 दिसंबर से सचिव शासकीय कार्यों के लिए अपने निजी वाहनों का उपयोग पूरी तरह बंद कर देंगे। उनका कहना है कि बिना यात्रा भत्ते के उन्हें लगातार निजी साधनों से कार्यस्थल तक जाना पड़ता है, जो अनुचित है।
चौथा चरण: 15 दिसंबर – इंटरनेट डोंगल जमा
आंदोलन के अंतिम घोषित चरण में 15 दिसंबर को सभी सचिव अपना इंटरनेट डोंगल ब्लॉक कार्यालयों में जमा कर देंगे। इससे ऑनलाइन कार्य और रिपोर्टिंग व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
संगठन की नाराजगी और चेतावनी
संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि गैर-प्रासंगिक और तकनीकी कार्यों के अत्यधिक बोझ से सचिवों के प्राथमिक विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से सचिवों के कार्यक्षेत्र की स्पष्ट परिभाषा, ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था में सुधार और अनावश्यक दबाव खत्म करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।





