कर्नाटक उडुपी; पीएम मोदी ने श्रीकृष्ण मठ में किए दर्शन, ‘लक्ष कंठ गीता पारायण’ में की सहभागिता

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by: vijay nandan

उडुपी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के उडुपी स्थित श्रीकृष्ण मठ का दर्शन किया और ऐतिहासिक लक्ष कंठ गीता पारायण कार्यक्रम में भाग लिया। इस अनूठे आयोजन में प्रधानमंत्री ने छात्रों, संतों, विद्वानों और हजारों नागरिकों के साथ भगवद गीता का पाठ किया। इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक प्रतिभागियों ने गीता श्लोकों का एक स्वर में उच्चारण किया।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने सुर्णा तीर्थ मंतपा का उद्घाटन किया, जो श्रीकृष्ण गर्भगृह के सामने स्थित है। साथ ही उन्होंने कनक कवच (श्री कनकाना किंडी की स्वर्ण आवरण) राष्ट्र को समर्पित किया। यह वही पवित्र झरोखा है, जिसके माध्यम से संत कनकदास को भगवान कृष्ण का दिव्य दर्शन प्राप्त होने की मान्यता है। उडुपी का श्रीकृष्ण मठ लगभग 800 वर्ष पूर्व श्री मध्वाचार्य द्वारा स्थापित किया गया था। वे द्वैत वेदांत दर्शन के प्रवर्तक माने जाते हैं।

कार्यक्रम में जगद्गुरु श्री श्री सुगुणेंद्र तीर्थ स्वामीजी ने प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान किया। संबोधन में स्वामीजी ने संस्कृत में कहा कि “असमाकं नरेन्द्र मोदी महोदयः भारतः भाग्य विधता…”।

प्रधानमंत्री का संबोधन: उडुपी भाजपा की कर्मभूमि

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “उडुपी आना मेरे लिए बहुत विशेष है। यह जनसंघ की कर्मभूमि और भारतीय जनता पार्टी के सुशासन मॉडल की आधारभूमि रही है। 1968 में उडुपी की जनता ने जनसंघ के वी.एस. आचार्य को नगर निगम में चुना, जिसने नए शासन मॉडल की नींव रखी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने सुरक्षाकर्मियों से खास आग्रह किया कि वे कार्यक्रम में आए बच्चों द्वारा बनाई गई उनकी चित्रकृतियों को संग्रहित करें। मोदी ने कहा कि बच्चों का यह स्नेह उनके लिए अमूल्य है।