जेलों में बढ़ती संख्या तथा न्याय प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए केन्द्र सरकार अब संविधान दिवस पर ऐसे कैदियों को छोड़ने जा रही है, जिन्होंने पहली दफा अपराध किया हो और एक तिहाई सजा पूरी कर ली हो। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने जेलरों को हलफनामा तैयार करने के निर्देश दिए है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐसे कैदियों को छोड़ने की अपील की थी, अमित शाह का मानना है कि इस कदम से कैदियों को सुधरने व समाज में जुड़ने का अवसर मिलेगा। वहीं न्याय प्रक्रिया में भी तेजी आ सकेगी।
धारा 479 में पहली बार अपराधियों के लिए राहत
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 479 में पहली बार अपराध करने वालों को रियायत दी गई है। धारा 479 कहती है कि वो व्यक्ति पहली बार अपराध करता है और अपनी सजा का एक तिहाई सजा जेल में पूरी कर लेता है तो उसे जमानत का लाभ दिया जा सकता है।
संविधान दिवस पर छोड़े जाएंगे कैदी
ऐसे कैदी जिन्होंने एक तिहाई सजा पूरी कर ली है और उनका पहला अपराध है। ऐसे कैदियों को चिन्हित किया जाएगा, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने जेल अधीक्षकों से हलफामा पेश करने के आदेश दिए है। चिन्हित कैदियों को संविधान दिवस पर रिहा किया जाएगा।





