Mohit Jain
दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए भीषण कार धमाके में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है। फॉरेंसिक जांच में पुष्टि हुई है कि विस्फोटक से लदी हुंडई आई20 कार में मौजूद शख्स डॉक्टर उमर नबी ही था। कार के मलबे से लिए गए डीएनए सैंपल का उमर की मां के डीएनए से मिलान हुआ।

पुलिस के अनुसार, पुलवामा के संबूरा निवासी उमर ने ही आई20 कार में विस्फोटक लादकर धमाका किया था और इस घटना में उसकी भी मौत हो गई। धमाके में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है और 16 से अधिक घायल विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं।
जांच में सामने आया कि कार धमाके वाली जगह के पास एक मस्जिद के पास करीब तीन घंटे तक पार्क की गई थी। धमाके के बाद फोरेंसिक टीम ने 40 से अधिक नमूने एकत्र किए, जिनकी रासायनिक जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतकों के कान, फेफड़े और आंतें फटने के साथ सिर और ऊपरी शरीर पर गंभीर चोटें पाई गईं।
जांच एजेंसियां अब विस्फोटक के प्रकार और स्रोत की पुष्टि करने में लगी हैं। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियां इंटरनेट से जानकारी लेकर कार बम बनाने के प्रयास और अन्य संदिग्धों की भूमिका को भी खंगाल रही हैं।





