by: vijay nandan
मुंबई: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने सोने को पेंशन निवेश से जोड़ने की सिफारिश की है। बैंक का मानना है कि अगर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में गोल्ड बॉन्ड या गोल्ड आधारित निवेश विकल्प शामिल किए जाएं, तो पेंशन फंड को अधिक स्थिरता और बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
एसबीआई ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से ‘गोल्ड इनकम स्कीम’ शुरू की जानी चाहिए, ताकि रिटायरमेंट के बाद उन्हें सुरक्षित और स्थायी आय का स्रोत मिल सके। बैंक ने सुझाव दिया कि अगर पेंशन फंड का 5-10% हिस्सा सोने में निवेश किया जाए, तो लगभग 15 से 20 लाख करोड़ रुपये के कुल पेंशन फंड को मजबूती और दीर्घकालिक स्थिरता मिल सकती है।
फिलहाल एनपीएस का पैसा मुख्य रूप से सरकारी बॉन्ड, इक्विटी और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सोना लंबे समय में महंगाई से बचाव और मूल्य स्थिरता का एक भरोसेमंद साधन है, इसलिए पेंशन योजनाओं में इसका समावेश फायदेमंद साबित हो सकता है।

एसबीआई ने सिंगापुर और कनाडा का उदाहरण देते हुए बताया कि दोनों देशों में गोल्ड निवेश पेंशन रिटर्न को बेहतर बनाने का एक अहम जरिया है।
सिंगापुर में CPF लाइफ योजना के तहत औसतन 4-5% रिटर्न के साथ करीब 28 लाख रुपये तक का रिटायरमेंट फंड बनता है।
कनाडा में पेंशन फंड का एक हिस्सा गोल्ड में लगाया जाता है, जिससे 9% से अधिक रिटर्न मिलता है और पेंशन रिप्लेसमेंट रेट लगभग 40% तक पहुंचता है।
वहीं, भारत में औसतन एन्युटी रिटर्न केवल 6.5% के आसपास है, जिससे पेंशनधारकों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता। एसबीआई का कहना है कि अगर भारत में भी इस मॉडल को अपनाया जाए तो पेंशनभोगियों की मासिक आय में उल्लेखनीय सुधार आ सकता है और पेंशन फंड की लंबी अवधि की स्थिरता सुनिश्चित की जा सकती है।

एसबीआई के सुझाव पर अमल होता है ये फायदा
- वर्तमान स्थिति (बिना गोल्ड निवेश के)
- एनपीएस फंड का पैसा फिलहाल सरकारी बॉन्ड, इक्विटी और मनी मार्केट में जाता है।
- औसतन वार्षिक रिटर्न 8% से 9% के बीच रहता है।
- रिटायरमेंट के बाद मिलने वाला एन्युटी रिटर्न केवल 6.5% से 7% है।
- 20 साल तक ₹50,000 वेतन वाले व्यक्ति को लगभग ₹19 से ₹20 लाख का कोष और करीब ₹7,000–₹8,000 मासिक पेंशन मिलती है।
अगर सोने में 5-10% निवेश किया जाए (एसबीआई का प्रस्ताव)
गोल्ड बॉन्ड्स और सोने का दीर्घकालिक औसत रिटर्न 10%–12% सालाना रहा है।
पेंशन फंड पोर्टफोलियो में 5–10% सोने का हिस्सा जोड़ने से कुल पोर्टफोलियो रिटर्न 1%–1.5% तक बढ़ सकता है।
इसका मतलब: कुल रिटर्न 8% से बढ़कर लगभग 9.5%–10% तक पहुंच सकता है।
20 साल की अवधि में यह फर्क बड़ा साबित होगा- ₹50,000 मासिक वेतन वाले व्यक्ति का पेंशन फंड 19 लाख से बढ़कर लगभग 22–24 लाख रुपये तक हो सकता है।
इसी के अनुरूप मासिक पेंशन भी ₹7,000–₹8,000 से बढ़कर ₹9,000–₹10,000 तक पहुंच सकती है।
भारत में हर लगभग कितनी है गोल्ड की डिमांड
SBI की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने 2024 में 802.8 टन सोना खरीदा, जो वैश्विक मांग का 26% है. इससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज़्यूमर बन गया. पहले नंबर पर चीन है, जिसकी मांग 815.4 टन रही. दिलचस्प बात यह है कि भारत की घरेलू गोल्ड सप्लाई अभी भी बहुत सीमित है. देश की कुल सोने की जरूरतों का करीब 86% हिस्सा आयात (import) के जरिए पूरा होता है. SBI रिपोर्ट के अनुसार, FY25 में भारत में सिर्फ 1,627 किलोग्राम सोना खुदाई के जरिए निकाला गया, जबकि बाकी सारा सोना बाहर से लाया गया।





