रिपोर्ट: प्रेम श्रीवास्तव
Jamshedpur झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के 8वीं बोर्ड के नतीजों ने राज्य में एक नए भाषाई और सामाजिक विवाद को जन्म दे दिया है। बड़ी संख्या में संथाली विषय के छात्रों को न्यूनतम “D ग्रेड” मिलने से आदिवासी समाज स्तब्ध है। जमशेदपुर के बिस्टुपुर सर्किट हाउस में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सामाजिक संगठनों और समाज के प्रबुद्ध जनों ने इस परिणाम पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

Jamshedpur “साजिश” और “पुनर्मूल्यांकन” की मांग
सामाजिक प्रतिनिधियों का कहना है कि संथाली भाषी छात्र अपनी मातृभाषा में इतने कमजोर नहीं हो सकते कि सभी को ‘D ग्रेड’ मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पक्षपात या बड़ी तकनीकी चूक हुई है।

- प्रमुख मांग: आदिवासी समाज ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
- भौतिक जांच: छात्रों की उत्तरपुस्तिकाओं की फिर से “फिजिकल चेकिंग” (भौतिक जांच) की जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
Jamshedpur ओल चिकी लिपि और राजभाषा का दर्जा
संवाददाता सम्मेलन में केवल परीक्षा परिणामों तक ही बात सीमित नहीं रही, बल्कि संथाली भाषा के अस्तित्व से जुड़ी कई पुरानी मांगों को भी दोहराया गया:

- प्रथम राजभाषा: संथाली भाषा को झारखंड की प्रथम राजभाषा का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से उठी।
- शिक्षकों की बहाली: स्कूलों में ओल चिकी लिपि के माध्यम से पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए संथाली शिक्षकों की तत्काल बहाली की मांग की गई।
- JETET में मान्यता: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JETET) में ओल चिकी लिपि को पूर्ण मान्यता दी जाए।
Jamshedpur उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रेस वार्ता के दौरान सामाजिक अगुवाओं ने हेमंत सोरेन सरकार को स्पष्ट शब्दों में आगाह किया। उन्होंने कहा कि संथाली भाषा और लिपि आदिवासी समाज की पहचान है और इसके साथ किसी भी तरह का “सिस्टमैटिक” भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार जल्द ही इस विसंगति को दूर नहीं करती और मांगों पर विचार नहीं करती, तो समाज चरणबद्ध तरीके से राज्यव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेगा।
विवाद के मुख्य बिंदु
| मुद्दा | विवरण |
| विवाद का कारण | JAC 8वीं बोर्ड में संथाली छात्रों को सामूहिक रूप से ‘D ग्रेड’ देना |
| मुख्य स्थान | जमशेदपुर (बिस्टुपुर सर्किट हाउस) |
| प्रमुख आरोप | संथाली भाषा और ओल चिकी लिपि को हाशिये पर रखने की साजिश |
| अगला कदम | सरकार की कार्रवाई न होने पर राज्यव्यापी उग्र आंदोलन |
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