Mohit Jain
अरब सागर में बना डिप्रेशन (अवदाब), बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन (गहरा अवदाब) और उत्तर भारत में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवातीय दबाव) इन तीनों सिस्टम का असर अब मध्यप्रदेश के मौसम पर दिखाई दे रहा है। बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाएं चलीं। हवा की रफ्तार बढ़ने से दिन का पारा कई जगह लुढ़क गया उज्जैन में तापमान 23 डिग्री तक पहुंच गया।
पूर्वी एमपी में भारी बारिश का अलर्ट
गुरुवार को भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में सिस्टम काफी स्ट्रॉन्ग रहेगा।
12 जिले सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में ढाई से साढ़े चार इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, जबलपुर, कटनी और पन्ना में हल्की बारिश और गरज-चमक का असर बना रहेगा।भोपाल, इंदौर और उज्जैन में हवा की गति सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा रहेगी।
‘मोंथा’ तूफान का असर, बढ़ी ठंड
अरब सागर में उठा ‘मोंथा’ तूफान भी प्रदेश में असर दिखा रहा है। कई शहरों में हवा की गति बढ़ गई है, जिससे ठंडक का एहसास भी तेज हुआ है।बुधवार को 20 शहरों में दिन का पारा 26 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल में 25.2°C, इंदौर में 25.1°C, उज्जैन में 23°C, ग्वालियर में 24.6°C और जबलपुर में 28.8°C तापमान दर्ज किया गया। रतलाम, धार, बैतूल, पचमढ़ी और शिवपुरी में भी पारा 25 डिग्री के आसपास रहा।
2 नवंबर तक रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग ने बताया कि 2 नवंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।हालांकि मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, फिर भी यह पोस्ट-मॉनसून सिस्टम सक्रिय है। 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।
फरवरी तक रह सकती है ठंड
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर से जनवरी तक कड़ाके की ठंड का दौर रहेगा,और इस बार ठंड फरवरी तक खिंच सकती है।अनुमान है कि 2010 के बाद यह सबसे ठंडी सर्दी हो सकती है। इस बार सर्दियों में सामान्य से ज्यादा बारिश भी देखने को मिलेगी।





