Report: Prashant Joshi, Edited by: Vijay Nandan
काँकेर: बुधवार को कांकेर के जंगलवार कॉलेज में “पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के तहत एक बड़ी सफलता हासिल हुई। कुल 21 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों को बाद में प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया के सामने लाया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) पी. सुंदरराज, कांकेर कलेक्टर महादेव क्षीरसागर सहित जिले में तैनात बीएसएफ, एसटीएफ, एसएसबी और अन्य अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नक्सलियों को बड़ा नुकसान
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आईजीपी पी. सुंदरराज ने इस घटना को नक्सलियों के लिए एक बड़ा नुकसान बताते हुए महत्वपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने पिछले दो वर्षों से एक प्रभावी रणनीति के तहत अभियान चलाया है, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
आईजीपी सुंदरराज द्वारा दी गई प्रमुख जानकारी के मुताबिक दो वर्षों में परिणाम बेहद सकारात्मक रहे हैं, बीते दो वर्षों में 250 से अधिक नक्सली या तो मारे गए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण किया है। टॉप लीडरशिप पर असर पड़ा है, पिछले दस महीनों में नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के 11 टॉप लीडर मारे गए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण किया है।

आईजी ने दावा किया कि ये आँकड़े नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं और नक्सलवाद बहुत जल्दी समाप्ति की ओर है।
अंतिम चेतावनी: समर्पण करें या गंभीर परिणाम भुगतें
आईजीपी सुंदरराज ने आत्मसमर्पण न करने वाले नक्सलियों को चेतावनी भी दी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि नक्सली जल्द से जल्द समर्पण कर दें, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सुरक्षा बलों की यह प्रभावी कार्रवाई बताती है कि छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान लगातार गति पकड़ रहा है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की संभावनाएँ बढ़ रही हैं।





