Mohit Jain
अब अगर किसी अनजान नंबर से आपके मोबाइल पर कॉल आएगी, तो स्क्रीन पर कॉलर के नंबर के साथ उसका नाम भी दिखाई देगा। यह सुविधा बिना किसी ऐप डाउनलोड किए मिलेगी। टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI (ट्राई) और दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल कॉल्स से जुड़ी धोखाधड़ी और साइबर अपराधों को रोकने के लिए यह निर्णय लिया है।
‘कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन’ सर्विस होगी डिफॉल्ट

इस सर्विस का नाम ‘कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन’ (CNAP) है। कॉल रिसीव करने वाले यूजर के मोबाइल पर कॉल करने वाले व्यक्ति का वही नाम दिखेगा, जो उसने मोबाइल नंबर लेते समय अपने पहचान पत्र (ID Proof) में दिया था।
अगर किसी उपभोक्ता को यह सुविधा नहीं चाहिए, तो वह इसे डिएक्टिवेट भी करा सकता है।
धोखाधड़ी रोकने के लिए बड़ा कदम
देशभर में बढ़ती फर्जी कॉल, ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब उपभोक्ता आसानी से पहचान सकेंगे कि कॉल किसकी है, जिससे साइबर फ्रॉड की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
किन्हें मिलेगी छूट
जिन उपभोक्ताओं के पास कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन (CLIR) की सुविधा है, उनका नाम कॉल आने पर नहीं दिखेगा।
यह सुविधा खुफिया एजेंसियों, सरकारी अधिकारियों और कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तियों को दी जाती है।
वहीं, कॉल सेंटर और टेलीमार्केटर्स इस सुविधा का उपयोग नहीं कर सकेंगे।





