Mohit Jain
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों के विनिमय के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह कदम उन नागरिकों के लिए एक अंतिम अवसर माना जा रहा है, जिनके पास 2016 की नोटबंदी के बाद से ऐसे अमान्य नोट अब भी सुरक्षित हैं।

RBI ने स्पष्ट किया है कि नोट बदलने की प्रक्रिया सीमित अवधि के लिए लागू होगी और यह केवल सख्त दस्तावेज़ी प्रमाण प्रस्तुत करने पर ही संभव होगी। नागरिकों को पुराने नोट बदलने के लिए अपने पहचान पत्र (ID Proof) और पते के प्रमाण (Address Proof) के साथ आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
बैंक ने कहा है कि नोटों को बदलने के लिए व्यक्ति को नोट रखने का वैध कारण बताना होगा, जैसे कि:

- नोट विरासत में मिले हों
- या किसी कानूनी निपटान के दौरान प्राप्त हुए हों।
आरबीआई ने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी पर ज़ोर दिया है ताकि सिस्टम में अवैध धन के प्रवेश पर रोक लगाई जा सके।
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से मुद्रा के सर्कुलेशन में सुधार और काले धन पर नियंत्रण की दिशा में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, आम जनता और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया इस पर मिली-जुली रही है कुछ लोग इसे स्वागत योग्य मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे देर से उठाया गया कदम बता रहे हैं।





